Wednesday, Jan 26, 2022
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these two options will be considered for cbse 12th exam kmbsnt

CBSE 12वीं की परीक्षा के लिए इन दो विकल्पों पर होगा विचार, फैसला आज

  • Updated on 5/23/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को आयोजित करने के दो विकल्पों पर विचार कर रहा है। जिसमें पहले विकल्प में केवल बहुविकल्पीय व लघु उत्तरीय प्रश्नों के साथ 90 मिनट के छोटे पेपर शामिल हैं। वहीं दूसरे में केवल प्रमुख विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जाए और परीक्षा के केंद्र स्व केंद्र होंगे।

बोर्ड ने यह दोनों विकल्पों के प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय को भेज दिए हैं। शिक्षा मंत्रालय आज राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से बैठक में परीक्षा की संभावना पर विचार होगा। सीबीएसई ने अपने प्रस्तावों में कहा है कि 12वीं कक्षा में बोर्ड ने छात्रों को कुल 174 विषय दिए हैं। जिनमें करीब 20 विषयों को ही सीबीएसई प्रमुख की श्रेणी में रखता है।

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ये हैं मुख्य विषय 
इनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, व्यवसाय अध्ययन, लेखा, भूगोल, अर्थशास्त्र और अंग्रेजी आदि शामिल हैं। सीबीएसई का एक छात्र न्यूनतम 5 और अधिकतम 6 विषय लेता है जिनमें से आमतौर पर चार प्रमुख विषय होते हैं। बोर्ड द्वारा सुझाए पहले विकल्प के तहत प्रस्ताव दिया है कि प्रमुख विषयों की परीक्षाएं मौजूदा प्रारूप और नामित परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जानी चाहिए।

लगेगा इतना समय 
सीबीएसई ने सुझाव दिया है कि छोटे विषयों के लिए उनके अंगों की गणना प्रमुख विषयों में प्रदर्शन के आधार पर की जा सकती है। इस विकल्प के लिए परीक्षा पूर्व गतिविधियों के 1 महीने और परीक्षा आयोजित करने और परिणाम घोषित करने के लिए 2 महीने और कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए 45 दिनों की आवश्यकता होगी। पहला विकल्प केवल तभी क्रियान्वित किया जा सकता है जब बोर्ड के पास 3 महीने का समय हो।

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3 घंटे के बजाय डेढ़ घंटे की परीक्षा
दूसरे प्रारूप के तहत जिसे समाप्त होने में 45 दिन लगेंगे सीबीएसई ने प्रस्तावित किया है कि कक्षा 12 के छात्र मुख्य विषय की परीक्षा के लिए नामित परीक्षा केंद्रों के स्थान पर अपने स्वयं के स्कूल से बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इसकी सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या दोगुनी करनी होगी। बोर्ड ने यह भी सिफारिश की है कि दूसरे प्रारूप के तहत प्रत्येक परीक्षा 3 घंटे के बजाय डेढ़ घंटे की होनी चाहिए। 

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