Monday, May 23, 2022
-->
thinking-about-consuming-herbal-medicines-information-on-social-media-can-be-fatal

सोच समझकर करें हर्बल दवाओं का सेवन, सोशल मीडिया पर मिलने वाली जानकारी हो सकती है घातक

  • Updated on 7/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुछ लोग मामूली सी बीमारी होने पर डॉक्टर पर जाने के बजाय हर्बल दवाइयों या ये कहें कि घरेलू नुस्खों का ज्यादा उपयोग करते हैं। बेशक ऐसा करना कई मर्तबा फायदेमंद होता है, लेकिन शायद आप इस बात से अनभिज्ञ हैं कि इन दवाओं के भी अपने साइड इफेक्ट होते हैं।

अगर इन दवाओं को तय मानकों के हिसाब से न लिया जाए तो ये आपके लिए घातक साबित हो सकती हैं। हममें से ज्यादातर लोग इन दवाओं के बारे में यही सोच रखते हैं कि इन दवाओं को लेना शत प्रतिशत सुरक्षित है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

पता चला कि ट्यूमर को कैसे खत्म करती हैं प्रतिरक्षी कोशिकाएं 
इसका एक हालिया उदाहरण हम आपको बताते हैं। लखनऊ की रहने वाली प्रियंका कुशवाहा की आंखों में हमेशा जलन रहती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्होंने मेडिकल स्टोर से एक हर्बल आई ड्रॉप खरीदकर अपनी आंखों में डाल लिया। उसके बाद उनकी आंखों में खुजली होने लगी।

वो बताती हैं कि, 'मुझे लगता था कि सिर्फ एलोपैथी दवाओं से नुकसान होता है, हर्बल के तो साइड इफेक्ट नहीं होते होंगे, लेकिन मुझे सबक मिल गया।' हालांकि उद्योग निकाय फिक्की और पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट को आधार माना जाए तो वह कहती है कि हर्बल, नैचुरल, ऑर्गेनिक व आयुर्वेदिक उत्पाद सुरक्षित होते हैं और वैकल्पिक उत्पादों के मुकाबले इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।

हालांकि इस बारे में हर्बल एक्सपर्ट्स की अलग राय है। वह कहते हैं कि लोगों को हर्बल दवाओं का सेवन भी चिकित्सकीय सलाह लेकर करना चाहिए, क्योंकि किसी अन्य दवा के साथ मिलकर ये शरीर में रिएक्शन कर सकती हैं। शरीर में किसी खास तत्व की अधिकता या कमी के दुष्परिणाम हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर इन दवाओं के बारे में जानकारी दी जाती है, लेकिन उनकी पुष्टि करने वाला कोई नहीं होता। इस प्रकार का अधूरा ज्ञान हमारे लिए घातक साबित हो सकता है।

वैज्ञानिक एल्विन लेविस द्वारा 2001 में किये किए गए एक शोध में बताया गया था कि एलोवेरा के जैल की अधिक मात्रा जिसे अक्सर लोग बगैर जानकारी के तामाम रोगों के उपचार में इस्तेमाल कर लेते हैं, शरीर के लिए घातक भी हो सकती है। किसी भी हर्बल दवा का इस्तेमाल करने से पहले दवा की सही मात्रा का पता कर लेना चाहिए।

ऐसी अनेकों हर्बल दवाएं जैसे जिन्सेंग कावा, एफिड्रा, एकोनाईट, सर्पगंधा, गुग्गल, भिलमा, सुवा, मदार, बेलेनाईट, सेन्ना आदि हैं, जिन्हें एक निश्चित मात्रा में लेना बेहद जरूरी है। अगर आप इन दवाओं  का सेवन यह सोच कर कर रहे हैं कि ये हर्बल दवाएं साइड इफैक्ट रहित हैं तो ऐसा करके आप अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

अंत में एक बात फिर दोहरा देते हैं कि सोशल मीडिया पर इन दवाओं के सेवन को लेकर मिलने वाले ज्ञान से बिल्कुल दूर रहें।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.