Wednesday, Oct 05, 2022
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर: केवल जनवरी माह में ही पूरा हो सका कोविड जांच का लक्ष्य 

  • Updated on 4/3/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए समय पर संदिग्ध लोगों की जांच करना बेहद जरूरी है। जिससे समय पर संक्रमण का पता लगाकर मरीज का उपचार कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें। इसके लिए शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग को कोविड जांच का लक्ष्य भी दिया गया है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर मेंं अब तक केवल जनवरी में ही लक्ष्य पूरा कर सका है। हालांकि अधिकारी का कहना है कि जांच की संख्या बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। वहीं, शासन स्तर से कोरोना कंट्रोल के लिए आउट सोर्सिंग के जरिए हायर किए गए स्टाफ  का कार्यकाल 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई कर दिया है। जिससे कोविड जांच प्रभावित न हो।

जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का प्रभाव दिसम्बर 2021 से शुरू हो गया था। दिसम्बर माह में अकेले 235 मरीजों की पुष्टि हुई थी। इससे पूर्व नवम्बर माह में मात्र 6 मरीज ही सामने आए थे। यानि दिसम्बर माह में तीसरी लहर की शुरूआत के बाद अगले माह जनवरी 2022 में संक्रमण का फैलाव तेजी से हुआ। जिसके चलते शासन स्तर से भी कोविड जांच में तेजी लाने को कहा गया।

विभाग की और से सभी सीएचसी-पीएचसी, तीनों बड़े अस्पताल व मोबाइल टीम के जरीए कोविड जांच को शुरू कर दिया, शासन स्तर से प्रतिदिन 3900 आरटी-पीसीआर टेस्ट व 3500 एंटीजन टेस्ट करने के निर्देश दिए गए। ऐसे में एक माह में यानि 30 दिन में 2 लाख 22 हजार टेस्ट करने का लक्ष्य दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने भी गंभीर दिखाते हुए जनवरी माह में 2 लाख 71 हजार 781 कोविड टेस्ट कर दिए गए। जिसके बाद जनवरी माह में ही 27052 केस मिले। जनवरी में सैंपल पॉजिटिविटी रेट भी 9.96 फीसदी पहुंचा था।

इसके बाद जनवरी माह के अंत में संक्रमण का प्रभाव भी कम होने लगा। संक्रमण कम होने पर कोविड जांच पर असर पड़ा। जनवरी बाद फरवरी में केवल एक लाख 79 हजार 384 कोविड जांच हुई और 1700 मरीज सामने आए। जहां विभाग फरवरी ही नहीं बल्कि मार्च माह में और कम एक लाख 40 हजार ही कोविड जांच कर लक्ष्य पूरा नहीं कर सका। अप्रैल माह में भी कोविड जांच प्रतिदिन 40 से 45 फीसदी हो पा रही है। 

संक्रमण कम होने पर जांच पर पड़ा असर   
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमण कम होने पर लोग भी कम संख्या में कोविड टेस्ट को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे है। पूर्व में जहां हल्का सा बुखार, जुकाम या स्वास्थ्य संबंधी जरा सी परेशानी होने पर लोग टेस्ट कराते थे, लेकिन अब चिकित्सीय सलाह या खास जरूरी होने पर ही टेस्ट करा रहे है। 

लक्षण मिलने पर टेस्ट कराने की अपील  
वहीं, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क कोविड टेस्ट किए जा रहे है। कोविड लक्षण मिलने पर लोगों से टेस्ट कराने की लगातार अपील की जा रही है। जिससे संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रित किए जा सकें।  
 

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