Tuesday, Jun 22, 2021
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three capitals proposed in andhra pradesh pass chandrababu naidu said black day

आंध्र प्रदेश में तीन राजधानियों का प्रस्ताव हुआ पास, चंद्रबाबू नायडू ने कहा- काला दिन

  • Updated on 1/21/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में तीन राजधानियों को लेकर हो रहे संघर्ष पर अब पूर्ण विराम लग गया है। प्रदेश में तीन राजधनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जगन मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग में तीन राजधानियों से जुड़े बिल को मंजूरी मिल गई है। 

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मैं इस लड़ाई में अकेला नहीं हूं, पूरे राज्य के लोग इसके खिलाफ-नायडू
तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा, दुनिया में कोई ऐसी जगह नहीं है जहां 3 राजधानियां हैं। यह एक काला दिन है, हम अमरावती और आंध्र प्रदेश को बचाना चाहते थे। मैं इस लड़ाई में अकेला नहीं हूं, पूरे राज्य के लोग इसके खिलाफ लड़ रहे हैं और सड़कों पर हैं। सरकार सबको गिरफ्तार कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। 

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समावेशी विकास विधेयक, 2020 विधानसभा में पारित
दरअसल, आंध्र प्रदेश में तीन राजधानियां बनाने की योजना को आकार देने संबंधी 'आंध्र प्रदेश विकेंद्रीकरण एवं सभी क्षेत्रों का समावेशी विकास विधेयक, 2020' विधानसभा में पारित हो गया। इसमें विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी, अमरावती को विधायी राजधानी और कुर्नूल को न्यायिक राजधानी बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस विधेयक को अब विधान परिषद में पारित किया जाएगा लेकिन यहां सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस बहुमत में नहीं है।

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तेलुगु देशम पार्टी के 17 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित
58 सदस्यों वाले उच्च सदन में उसके पास सिर्फ नौ सदस्य हैं। विधानसभा में दिन की कार्रवाई के दौरान हंगामा करने पर तेलुगु देशम पार्टी के 17 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विधायक मुख्यमंत्री के भाषण को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि विकेंद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित करके उनकी सरकार 'ऐतिहासिक भूलों और गलतियों को सुधार' रही है।

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हम किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं करेंगे
उन्होंने कहा, 'हम राजधानी को बदल नहीं रहे हैं। हम सिर्फ दो और नई राजधानी जोड़ रहे हैं। अमरावती पहले जैसी ही रहेगी। हम किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं करेंगे।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लोगों को सिर्फ ग्राफिक्स दिखा करके बेवकूफ नहीं बना सकता हूं।' उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू के अमरावती को स्व-वित्तपोषित परियोजना होने के दावे को भी खारिज कर दिया। इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा था कि वह 'हाथ जोड़कर' अपील करते हैं कि राजधानी को अमरावती से विशाखापत्तनम न ले जाया जाए।

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प्रदर्शन करते हुए पुलिस अवरोधकों को तोड़कर विधानसभा परिसर पहुंचने की कोशिश
अमरावती क्षेत्र में निषोधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए सैंकड़ों किसानों और महिलाओं ने इस विधेयक का विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस अवरोधकों को तोड़कर विधानसभा परिसर पहुंचने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। वहीं विधानसभा परिसर के पीछे नायडू ने विधायकों के नेतृत्व में विधानसभा के मुख्य द्वार से कुछ मीटर की दूरी पर मार्च निकाला।

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