Thursday, Sep 23, 2021
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जम्मू-कश्मीर: पीडीपी को बड़ा झटका, तीन नेताओं ने एक साथ दिया इस्तीफा, लगाए ये गंभीर आरोप

  • Updated on 11/26/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव से पहले सियासत अपने चरम पर जा पहुंची है। ऐसे में अब पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbuba Mufti) को एक बड़ा झटका लगा है। मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी  (PDP) को उसके तीन दिग्गज नेताओं ने छोड़ दिया है। पार्टी के तीनों नेता,  धमन भसीन, फलैल सिंह और प्रीतम कोटवाल ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया है। 

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नेताओं ने इस्तीफा देने की बताई ये वजह
मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों नेताओं ने इस्तीफा देने का कारण एक पत्र में लिखते हुए बताया है कि रहस्यमयी, सांप्रदायिक तत्वों ने पार्टी को हाइजैक कर लिया है। ऐसे में हमारे पास पार्टी को छोड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है। पत्र में नेताओं द्वारा आगे कहा गया है कि हमने अपना राजनीतिक भविष्य दांव पर लगाते हुए पीडीपी में शामिल होने का फैसला लिया था, लेकिन पार्टी ने दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के विजन को अनदेखा करते हुए  पीडीपी नेशनल कॉन्फ्रेंस की बी टीम बन गई है।   

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पीडीपी नेता को एनआईए ने भेजा सम्मन
वहीं दूसरी ओर आगामी जिला विकास परिषद के लिए नामांकन दाखिल करने के एक दिन बाद ही पीडीपी नेता को एनआईए ने आतंकवाद के एक मामले में सम्मन थमा दिया है, जिसके बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को दावा किया कि एनआईए द्वारा गिरफ्तार किये गये उनकी पार्टी की युवा शाखा के नेता वहीद पर्रा के खिलाफ आरोप बेबुनियाद हैं। पीडीपी अध्यक्ष ने ट्विटर पर लिखा कि यह संयोग नहीं है कि पर्रा को जिला विकास परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के एक दिन बाद राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का सम्मन मिला।

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महबूबा मुफ्ती ने दी ये सफाई
मुफ्ती ने कहा कि पर्रा का निलंबित पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह के साथ बिल्कुल भी संपर्क नहीं रहा और उन्हें गलत तरह से आरोपित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, 'यह केवल पीडीपी और जम्मू कश्मीर में मुख्य धारा के दूसरे राजनीतिक दलों को ब्लैकमेल करने तथा धमकाने के लिए है।'

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न्यायपालिका से लगाई ये गुहार
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह पर्रा की ईमानदारी और चरित्र की व्यक्तिगत रूप से गारंटी दे सकती हूं और अब यह न्यायपालिका पर है कि उन्हें न्याय मिले और जल्द से जल्द रिहा किया जाए। पर्रा ने हाल ही में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा से जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से कथित संबंधों के मामले में पर्रा से सोमवार से यहां एनआईए मुख्यालय में पूछताछ की जा रही थी। निलंबित पुलिस उपाधीक्षक देविंदर सिंह मामले में जांच के दौरान पीडीपी नेता का नाम सामने आया।

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