Friday, May 07, 2021
-->
thyrocare-md-alleges-controlling-of-coronavirus-testing-by-districts-as-govt-interferes-prsgnt

Thyrocare एमडी ने लगाए आरोप- सरकार ने कराई Corona टेस्ट में हेराफेरी, सैंपल लेने पर भी लगाई रोक!

  • Updated on 10/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (CoronaVirus) महामारी के दौरान कुछ जिलों में सरकारी अधिकारियों ने कोरोना टेस्टिंग की प्रकिया को नियंत्रण करने की कोशिश की जिससे उस जिले की बेहतर तस्वीर पेश हो सके। ये खुलासा किया है ए वेलुमनी ने जो देश की कई बड़ी प्राइवेट कोरोना टेस्टिंग लैब्स में से एक थायरोकेयर के प्रबंध निदेशक है।  

वेलुमनी ने देश में कोरोना वायरस मामलों की टेस्टिंग में हो रही हेराफेरी का खुलासा करते हुए ये आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कुछ जिलों में सरकार अधिकारियों ने कोरोना टेस्टिंग की प्रक्रिया को सीधे तौर पर कंट्रोल किया और टेस्ट के नतीजों को कम करके बताया ताकि उनके जिले की अच्छी और बेहतर छवि पेश हो सकें।

Corona से ठीक होने के बाद 10 साल बूढ़ा हो जाता है लोगों का दिमाग, Mental Stage में आती है भारी कमी!

लगाए ये आरोप 
वेलुमनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना टेस्टिंग को अब सभी के लिए भले ही खोल दिया गया है लेकिन सरकार ने जिला स्तर पर टेस्टिंग कर रहे प्राइवेट सेंटरों को कंट्रोल कर लिया है। पहले ये कम था लेकिन अब ये ज्यादा हो गया है। हमें कई राज्यों के जिलों में कोरोना के सैंपल्स न लेने के लिए कहा है और ये भी दावा किया जा रहा है कि हम जो कोरोना पॉजिटिव केस रिपोर्ट कर रहे है वो झूठे हैं।

दिल्ली: कोरोना के चलते अगले आदेश तक सभी स्कूल बंद, मनीष सिसोदिया ने किया ऐलान

दो हजार सैंपल्स कम…
वेलुमनी ने यह बताया कि हर दिन कम से कम 100 जिलों में दो हजार सैंपल्स को कम करके बताया जा रहा है इसके पीछे इरादा यही है कि ये जिले अपने यहां बेहतर नतीजे दिखाना चाहते हैं और सरकार की गुड बुक में रहने की कोशिश में भी है। दरअसल, कम कोरोना के आंकड़े मतलब जिले की बेहतर छवि। 

उन्होंने ये भी कहा कि थायरोकेयर जिन जिलों से सैंपल्स ले रहा है वहां की 30 प्रतिशत लैब्स ने इस तरह की समस्या के बारे में बताया है। लेकिन इन जिलों का नाम लेने से इनकार कर दिया गया है। आरोप है कि इन जिलों में मौखिक रूप से टेस्टिंग कम करने के बारे में कहा गया था।

कोरोना के चलते वर्चुअल होगा मेला, 30-31 अक्तूबर को होगा आयोजन

क्षमता के हिसाब से टेस्टिंग नहीं
वहीँ, वेलुमनी के इस आरोप पर एक लैब टेस्टिंग अधिकारी ने कहा है कि इस तरह का काम कुछ जिलों में हो रहा है जिसकी वजह से लैब अपनी क्षमता के हिसाब से भी टेस्टिंग नहीं कर पा रही है लेकिन ऐसा हर जगह नहीं हो रहा।

बता दें, थायरोकेयर देश की पांच सबसे बड़े टेस्टिंग प्राइवेट लैब्स सेंटर्स में से एक है। इस लैब की कई यूनिट्स हैं जो महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में हैं और वहां कोरोना सैंपल्स इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं।

यहां पढ़े कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.