Friday, May 14, 2021
-->
tickery border farmers demonstrated by shouting slogans and shirt in cold weather albsnt

टिकरी बाॅर्डर: जबरदस्त ठंड में नारेबाजी व कमीज उतारकर किया किसानों ने प्रदर्शन

  • Updated on 12/30/2020

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। जबरदस्त ठंड में जब लोग अपने शरीर को गर्मी देने के लिए मोटे-मोटे ऊनी कपडे पहन रहे हैं और मौसम विभाग भी लोगों को घर से बाहर ना निकलने की हिदायत दे रहा है तो ऐसे में कृषि विधेयक के विरोध में 35वें दिन टिकरी बाॅर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने अपनी कमीज उतारकर विरोध जाहिर किया और जबरदस्त नारेबाजी की।

किसान आंदोलन : सरकार और किसानों के बीच बातचीत खत्म, 2 मुद्दों पर पेंच फंसा

मालूम हो कि सभी किसान एक सुर में बोलते दिखे कि ‘अंबानी अब कहते हैं, मेरे पापा का सपना-सबका माल अपना’।
यही नहीं पंजाब की किसान महिलाओं के द्वारा शुरू की गई यहां भूख हडताल के बाद आज पंजाब, हरियाणा, यूपी व दिल्ली के पुरूष किसानों ने भी अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए 24 घंटे की भूख हडताल की। इसमें लुधियाना के पाल सिंह, मानसा के जग्गा सिंह, पट्टी से सुरेंद्र बिल्ला, काबलवाला गांव से सिंदा सिंह, लखनऊ से कैलाश प्रसाद, फिरोजपुर से बलविंदर सिंह व तीर्थ सिंह, टिकरी बाॅर्डर से करतार सिंह, फतेहाबाद से लाभ सिंह व हिसार से बजे सिंह शामिल रहे। इस दौरान आंदोलनकारी किसानों ने जबरदस्त नारेबाजी भी की। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट कर नारा लगाया कि ‘बंद करो अब मन की बाज, सुन लो अब किसान की बात’ इसके अलावा ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा भी किसानों ने बुलंद किया।

Farmers agitation in delhi

नए साल के स्वागत में कनॉट प्लेस क्षेत्र No Entry Zone घोषित, गाइडलाइंस जारी 

हरियाणा ने संभाली बुधवार को बागडोर
टिकरी बाॅर्डर पर हरियाणा के किसानों ने बुधवार को प्रदर्शन की बागडोर संभाली थी। इस दौरान बडी संख्या में हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर के किसानों ने अपनी प्रतिभागिता दिखाई। जिसमें महिलाएं भी काफी संख्या में थीं। 

CAA-NRC प्रदर्शन में गोली चलाने वाला कपिल गुर्जर BJP में शामिल, AAP ने उठाए सवाल

महिलाओं ने संभाला मंच
बुधवार को टिकरी बाॅर्डर पर अधिकांश महिलाओं ने ही मंच से किसानों को संबोधित किया। इसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व पंजाब से आईं महिला कृषकों ने अपने-अपने विचार सांझा करते हुए विधेयक की कमियों को भी गिनवाया।

Children

ममता की TMC ने राज्यपाल धनखड़ के खिलाफ खोला मोर्चा, राष्ट्रपति से लगाई गुहार 

अगल-बगल की काॅलोनियों के गरीब बच्चों की मिटती है भूख
बाॅर्डर पर किसान आंदोलन के बीच चैबीसों घंटे चलने वाले लंगर के चलते पिछले एक महीने से अगल-बगल की काॅलोनियों में रहने वाले बच्चों को भरपेट खाना मिल पा रहा है। तरह-तरह का व्यंजन खाने से बच्चों में काफी खुशी है। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूर भी किसानों के लंगर से अपनी भूख मिटा रहे हैं।

Farmers in agitation

Delhi Weather Updates: शीतलहर की चपेट में दिल्ली, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

किसान लगा रहे हैं झाडू, सफाई का भी रख रहे हैं ध्यान
बाॅर्डर पर खाने-पीने का कचरा काफी एकत्र हो जाता है। जिसे देखते हुए किसानों द्वारा हरेक घंटे के बाद झाडू लगाया जाता है। दरअसल सब्जियों के छिलके व डिस्पोजल के साथ ही राख व पानी के चलते बार-बार गंदगी हो जाती है। ऐसे में सफाई की जिम्मेदारी भी किसानों ने खुद ही उठा रखी है।

किसान आंदोलनः 200 मीटर के क्षेत्र में महिलाओं के लिए लगा टेंट, 6 पहरेदारों के सुरक्षा में रहती हैं

किसानों को सिरदर्द व जुखाम की बढ रही है समस्याएं
टिकरी बाॅर्डर पर अधिकतर आंदोलनकारियों में बुजुर्ग हैं। यहां मेडिकल कैंप लगाने वाले लोगों ने बातचीत के दौरान बताया कि पिछले 4-5 दिनों से किसान सिरदर्द व जुखाम की समस्या लेकर सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इसके बाद गैसटिक व बीपी की समस्याएं किसानों में देखने को मिल रही हैं। जिसके लिए जरूरी दवाओं का इंतजाम लगातार किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.