Tuesday, Jan 18, 2022
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तीरथ सिंह को मिला कांटों भरा ताज! कसे जाएंगे कसौटी पर,अगले साल कठिन परीक्षा

  • Updated on 3/10/2021

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। पिछले दिनों से उत्तराखंड (Uttarakhand) में शुरु हुई राजनीतिक उठापटक का आज पटाक्षेप हो गया है। प्रदेश में बीजेपी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के उत्तराधिकारी के तौर पर तीरथ सिंह रावत को चुना है। जिसके साथ ही साफ हो गया कि सत्ता की कुर्सी पर अब तीरथ सिंह रावत ही बैठेंगे। इसके साथ ही पार्टी में मची खलबली पर भी विराम लग गया है।

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बता दें कि तीरथ सिंह रावत प्रदेश बीजेपी के लिये कोई नया चेहरा भी नहीं है। वे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी है। हालांकि उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में तीरथ सिंह को मात्र 1 साल में प्रदेश बीजेपी में चल रहे असंतोष को भी कम करना होगा। यहीं नहीं आमजनों के भी उम्मीद पर भी खरा उतरना होगा। साथ ही विपक्ष के भी प्रहार का भी कारगर जवाब देना होगा। यानी तीरथ सिंह को कुर्सी ऐसे समय में मिली है जब चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो गई है। 

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तीरथ सिंह के सामने कई चुनौतियां भी रहेगी। वे प्रदेश के गढ़वाल से फिलहाल सांसद है। तीरथ सिंह का बीजेपी और आरएसएस से दशखों पुराना नाता रहा है। वे साल 1983 से 1988 तक आरएसएस के प्रचारक भी रहे। वे विधार्थी परिषद से छात्र जीवन में ही जुड़ गए थे। विधार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री भी रहे है।फिर वे बीजेयुमो से जुड़े। यहीं नहीं नए राज्य के गठन के बाद वे पहले शिक्षा मंत्री भी रहे है। वे प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे है। इसके वाबजूद जब उन्हें सीएम बनाया गया है तब कई चुनौती भी सामने खड़ी होगी।

 

 

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