Tuesday, Jan 18, 2022
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तीरथ सिंह रावत बने उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री, PM मोदी ने दी बधाई

  • Updated on 3/10/2021

देहरादून/ ब्यूरो। उत्तराखंड (Uttarakhand) में पिछले तीन दिनों से चल रही सियासी उठापठक के बीच राज्य के मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। आज बुलाई गई विधायक दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत को प्रदेश का अगला सीएम चुना गया है। कुछ देर पहले ही रावत ने सीएम पद की शपथ ली। पद ग्रहण के बादप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की शुभकामनाएं दी।  तीरथ सिंह रावत पौड़ी सीट से भाजपा सांसद है। इससे पहले सन 2000 में तीरथ सिंह उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधायक दल की बैठक के बाद तीरथ सिंह रावत के नाम की घोषणा की। तीरथ सिंह रावत अपराह्न चार बजे राजभवन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे। विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और प्रदेश पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम भी उपस्थित थे। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

छात्र जीवन से जुड़े हैं RSS से

गढ़वाल के कलगीखल विकासखंड के सीरों में नौ अप्रैल 1964 को जन्मे तीरथ सिंह रावत छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। वह हेमवती नंदन बहुगुना गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।      रावत वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में चौबट्टाखाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रहे हैं।

उन्होंने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। राज्य के गठन के बाद वह यहां की पहली सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। रावत को मुख्यमंत्री बनाए जाने का भाजपा नेतृत्व को फैसला चौंकाने वाला रहा। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में धन सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट और अनिल बलूनी के नामों की चर्चा थी। 

इसके पहले, त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने मंगलवार शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अगले मुख्यमंत्री  को चुनने के लिए आज सुबह 10 बजे से राज्य पार्टी मुख्यालय पर चल रही विधायक दल की बैठक खत्म हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में मौजूद हैं। अगले सीएम की रेस में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सबसे आगे बताए जा रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए निशंक हैदराबाद से दिल्ली होते हुए देहरादून पहुंच गए हैं। 

स्थानीय स्तर पर कई विधायकों के नाम सोशल मीडिया एवं टीवी चैनलों पर दोपहर से चल रहे हैं। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद रावत पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्हें कार्यकाल के मध्य में पद छोडऩा पड़ा। उनके कार्यकाल के चार साल पूरे होने में अभी 9 दिन शेष थे। 

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उल्लेखनीय है कि पार्टी हाईकमान ने सोमवार को ही मुख्यमंत्री बदलने का फैसला कर लिया था। इसको लेकर कई दौर की बैठकें भी चलीं। खुद त्रिवेंद्र सिंह रावत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान पार्टी ने उन्हें इस्तीफा देने को स्पष्ट कह दिया था। इसके बाद मंगलवार को रावत देहरादून पहुंचे और शाम को 4 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

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राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना त्यागपत्र सौंपा
प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने शनिवार शाम तब जोर पकड़ लिया जब रमन सिंह और पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार सिंह अचानक देहरादून पहुंचे और कोर ग्रुप की बैठक ली। पार्टी की राज्य इकाई की कोर ग्रुप की यह बैठक पहले से प्रस्तावित नहीं थी और यह ऐसे समय बुलाई गई जब प्रदेश की नई बनी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राज्य विधानसभा का बजट सत्र चल रहा था। बैठक की सूचना मिलने पर रावत को तुरंत गैरसैंण से वापस देहरादून आना पड़ा। आनन-फानन में बजट पारित कराकर सत्र भी समाप्त कर दिया गया और भाजपा विधायकों को भी तत्काल देहरादून बुला लिया गया।

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20 वर्ष के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद से आज इस्तीफा देने के साथ ही त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाये । हांलांकि, उत्तराखंड के 20 वर्ष के इतिहास में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने से पहले कुर्सी गंवाने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में रावत का स्थान आठवां है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च, 2017 को मुख्यमंत्री का पद संभाला था और केवल नौ दिन बाद वह अपनी सरकार के चार साल पूरे करने वाले थे, लेकिन आज उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। 

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