Sunday, Dec 15, 2019
tis hazari violence cbi will raise curtain from firing on lawyers

तीस हजारी हिंसा: सीबीआई उठाएगी पर्दा, वकीलों पर गोली चली तो क्यों...

  • Updated on 11/11/2019

नई दिल्ली/संजीव यादव। तीस हजारी हिंसा के दौरान इतनी भीड़ में चली गोली वकील को कैसे लगी, क्या पुलिसकर्मी ने सीधे वकील को गोली मारी, या फिर हवा में चलाई, यही नहीं वो परिस्थितियां क्या इतनी गंभीर थीं कि गोली चलाना जरूरी थी, इन सब बातों से सीबीआई की सीएफएसएल पर्दा उठाएगी।

विवाद के दिन की घटना का सीन किया गया रिक्रिएशन 
इसी के चलते रविवार के दिन तीस हजारी कोर्ट सीबीआई की टीम पहुंची, जिसमें जहां मौके पर सीन का रिक्रशन किया गया, वहीं गोली चलने वाले स्थान की फोरेंसिक जांच की गई। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि ङ्क्षहसा के दौरान एएसआई ने अपनी और साथियों की आत्मरक्षा के लिए गोली हवा में चलाई जो एक ग्रिल पर लगी और उसके टकराने के बाद वकील को लग गई, लेकिन वकील इस दावे को साफ इंकार कर रहे हैं। वकीलों का दावा है कि पुलिस ने गोली चलाई और लाठी भांजी, जिसके बाद उन्होंने अपनी आत्मरक्षा के लिए पुलिस को वहां से खदेड़ा था।

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खुफिया जांच एजेंसी की टीम सीएफएसएल जुटा रही तथ्य
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारी टीम केवल गोली चली परिस्थिति और कारण की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट एसआईटी को देगी,क्योकि हाईकोर्ट ने इसमें अन्य एजैसियों के शीर्ष अधिकारियों को इसमे लगाया है। यही नहीं खुद दिल्ली पुलिस भी चाहती है कि वे जांच रिपोर्ट ऐसी दे जिस पर कोर्ट में दी जा रही उनकी दलीलें हल्की न रहें। 

कोर्ट में कैदी नहीं,ड्यूटी मजिस्टे्रट पहुंचेंगे तिहाड़
सुरक्षा कारणों के चलते सोमवार को भी तिहाड़ व मंडोली जेल से कैदियों को कोर्ट में नहीं लाया जाएगा। उनकी सुनवाई के लिए डयूटी मजिस्ट्रेट जेल में जाएंगे और वहां बनी अदालतों में उन्हें सुनेंगे। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुरक्षा कारणों के तहत खुद कोर्ट ने ये निर्णय लिया है,क्योंकि जहां वकील हड़ताल पर है वहीं अभी तक मिली सूचनाओं के चलते इन कैदियों को कोर्ट ले जाना सुरक्षित नहीं है। 

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आज भी अदालतें रहेंगी शांत, मुद्दई खुद करवाएं अपना काम
2 नवम्बर को हुई हिंसा के बाद से वकीलों की चल रही हड़ताल सोमवार को भी जारी रहेगी। सोमवार को पुलिस के विरोध में सभी बार एसोसिएशन द्वारा एक रैली भी निकाली जाएगी जो कोर्ट परिसर के बाहर आसपास तक ही सीमित रहेगी। सभी बॉर एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर पुलिस अपनी वीडियो को वायरल कर एक पक्ष दिखा रही है वह गलत है। इस संबंध में वे सोमवार को अपना विरोध जारी रखेगें। इस पर साकेत बॉर एसोसिएशन के अध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्वक रहेगा, लेकिन अन्य दिनों की तरह आम व्यक्ति को कोर्ट में जाने से नहीं रोका जाएगा। वह इस मामले में शाहदरा बॉर एसोएिशन के अध्यक्ष प्रमोद नागर ने कहा कि हिंसा के प्रति उनका विरोध जारी है और वे सोमवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। 

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आज हो सकती है फिर वकील-पुलिस बैठक

पुलिस और वकीलों के बीच तनाव को खत्म करने के लिए ज्वाईंट सीपी के निर्देशन में वकीलों के साथ बैठक की जा सकती है। हालांकि, इससे पहले भी तीस हजारी के वकीलों के साथ अधिकारियों ने बैठक की, लेकिन वह बैठक शरू होने से पहले ही खत्म हो गई। जिसके चलते ये बैठक दोबारा बुलाई जा रही है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पिछली बार वकील कुछ मुद्दों को लेकर जिद् पर अड़े थे, लेकिन इस बार उनसे लगातार बात की गई और वे वकील अपनी एसोसिएशन से बात कर रहें है। संभव है कि सोमवार को बैठक कर कुछ नतीजा निकाला जा सकता है।

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