Monday, Nov 18, 2019
tis hazari violence: more than 1200 mobiles will open the truth of tis hazari

तीस हजारी हिंसा: 1200 से ज्यादा मोबाइल खोलेंगे तीस हजारी हिंसा का सच

  • Updated on 11/9/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। तीस हजारी हिंसा मामले में शुरुआत में 17 वीडियो फुटेज को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) जांच के लिए भेजा गया है, जबकि घटना वाले दिन का डंप डाटा उठाया है। 

इस दौरान टीम को लगभग 1200 से ज्यादा मोबाइल उपद्रव के समय कोर्ट परिसर में एक्टिव मिले। हरेक सबूत साइंटिफिक रूप से पुख्ता किया जाएगा, ताकि बाद में एसआईटी की किरकिरी नहीं हो सके। एसआईटी ने घायल वकीलों और पुलिसकर्मियों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। 


8 लोगों की पहचान, जल्द भेजा जाएगा नोटिस 
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआईटी ने तीस हजारी बवाल में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को जब्त कर लिया है। इनमें 10 बाइकें, एक जिप्सी और 8 जेल वैन हैं। बाइक निजी हैं। बाइक व जिप्सी जली हुई हैं, जबकि जेल वैन के शीशे तोड़े गए हैं। वकील विजय शर्मा को लगी गोली जिस पिस्टल से चली थी, एसआईटी ने उसे बरामद कर लिया है। मौके से दो खोल भी मिले हैं। हालांकि, डीसीपी के ऑपरेटर से छीनी गई पिस्टल का अब तक पता नहीं लगा है।

17 वीडियो की एफएसएल जांच की जाएगी 
घटना में 21 पुलिसकर्मी और 6 वकील जख्मी हुए थे। इन सबकी हॉस्पिटल एमएलसी (मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट) कराई गई है। इस मामले में कुल सात एफआईआर दर्ज हुई हैं। शुरुआत में 11 पुलिसकर्मियों और छह वकीलों के बयान रिकॉर्ड कर लिए गए हैं। जबकि तफ्तीश के बाद 8 लोगों की पहचान हो गई है। इन्हें जल्द नोटिस देकर बयान दर्ज करने के लिए क्राइम ब्रांच ऑफिस बुलाया जाएगा। हालांकि, अब तक तफ्तीश के दौरान 17 वीडियो सामने आए हैं। 

42 लोगों के बयान दर्ज
एसआईटी ने अब तक 42 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जिन लोगों के बयान दर्ज किए गए उनमें घायलों के अलावा घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी और वकील प्रमुख हैं। 

डीसीडब्ल्यू भी सख्त, भेजा नोटिस
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने भी  संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्यक्षेत्र) को नोटिस भेजा है। आयोग ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इससे राजधानी में कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है कि महिला पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं है। डीसीडब्ल्यू ने जानना चाहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं और यदि दर्ज की गयी है तो उसकी प्रति दी जाए। आयोग ने पूछा कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है तो क्यों नहीं की गई है। उसने यह भी पूछा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी हुई है या नहीं। उसने 13 नवंबर तक कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।     

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