Friday, Jan 21, 2022
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'टूलकिट' मामला: पुलिस इन्वेस्टिगेशन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच से खुद को किया अलग

  • Updated on 5/28/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। टूलकिट को लेकर छिड़ा विवाद थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की इन्वेस्टिगेशन को कांग्रेस ने गैरकानूनी बताया है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने इस जांच से खुद को हटा लिया है। 

'टूलकिट' मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ अपनी प्रारंभिक शिकायत के नौ दिन बाद कांग्रेस ने जांच से खुद को हटा लिया और दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच को अवैध और कानून का उल्लंघन करने वाला बताया।

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FIR को लेकर कांग्रेस नेताओं ने किया दावा
कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा और रोहन गुप्ता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सभी दस्तावेज छत्तीसगढ़ भेजने की मांग की जहां भाजपा नेताओं रमन सिंह और संबित पात्रा के खिलाफ एक 'झूठी और मनगढंत' टूलकिट प्रसारित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौड़ा और गुप्ता ने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय ने पहले व्यवस्था दी थी कि प्रथम प्राथमिकी के तहत जांच की जाएगी और एक ही अपराध में दूसरी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती।

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गौड़ा ने दिल्ली पुलिस पर लगाया आरोप
राजीव गौड़ा ने ट्विटर पर पत्र साझा करते हुए लिखा, 'दिल्ली पुलिस हमारी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने में विफल रही। हम छत्तीसगढ़ में दर्ज प्राथमिकी में पक्ष हैं और वहां मामले को देख रहे हैं। अपनी जांच जारी रखकर दिल्ली पुलिस कानून और उच्चतम न्यायालय के फैसलों का उल्लंघन कर रही है।'

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टूलकिट पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
कांग्रेस ने कथित कोविड टूलकिट मामले में मंगलवार को 11 केंद्रीय मंत्रियों के ट्वीट का हवाला देते हुए माइक्रो- ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्वीटर से आग्रह किया कि इन नेताओं को लेकर भी उसी तरह की कार्रवाई की जाए जो ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ (छेड़छाड़ किया हुए तथ्यों) और ‘फर्जीवाड़े’ के दूसरे मामलों में की जाती है।

कांग्रेस महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्रीय मंत्रियों-गिरिराज सिंह, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, रविशंकर प्रसाद, प्रह्लाद जोशी, धर्मेंद्र प्रधान, रमेश पोखरियाल निशंक, थावरचंद गहलोत, हर्षवर्धन, मुख्तार अब्बास नकवी और गजेंद्र सिंह शेखावत के ट्वीट के यूआरएल ट्वीटर इंडिया के प्रबंधन को एक पत्र के माध्यम से भेजे हैं और कारवाई की मांग की है।   

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मैनिपुलेटेड मीडिया मापदंड पर कार्रवाई की मांग
सुरजेवाला ने ट्वीटर प्रबंधन को भेजे पत्र में कहा कि ‘फर्जी सामाग्री को प्रसारित करने के लिए ट्वीटर के मंच के दुरुपयोग करने’ और ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ के दूसरे मामलों में कार्रवाई का जो मापदंड अपनाया जाता है, वही इन मंत्रियों के ट्वीट के मामलों में भी अपनाया जाए।

 फिलहाल, इन वरिष्ठ मंत्रियों और भाजपा की तरफ से कांग्रेस के इस कदम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ट्वीटर ने कथित‘कोविड टूलकिट’से संबंधित भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को छेड़छाड़ किया हुआ बताया था। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने एक टूलकिट बनाकर कोरोना वायरस के नए स्वरूप को‘ भारतीय स्वरूप या मोदी स्वरूप बताया और देश तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि खराब करने का प्रयास किया।

हालांकि, कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि भाजपा उसे बदनाम करने के लिये फर्जी‘टूलकिट’का सहारा ले रही है। कांग्रेस ने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ पुलिस में ‘जालसाजी’ का मामला भी दर्ज कराया है। 

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ट्विटर ने कहा था 'मैनिपुलेटेड मीडिया'
बता दें कि टूलकिट मामले को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने ट्विटर पर अपने पोस्ट शेयर किए थे। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए थे। इसके बाद कांग्रेस ने पलटवार किया और आरोपों को नाकार दिया। इस बीच ट्विटर ने भाजपा नेताओं के कई पोस्ट के नीचे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' लिखा था। इसके बाद सियासत और गर्म हो गई। केंद्र की मोदी सरकार ने भी 'मैनिपुलेटेड मीडिया' लिखने पर सवाल उठाए और इसे हटाने का निर्देश दिया, लेकिन ट्विटर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गई। कांग्रेस ने टूलकिट मामले में संबित पात्रा समेत कई भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। 

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