Tuesday, Aug 03, 2021
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Toolkit Case Court Seeks Answer From Police On Shantanu Muluk Advance Bail KMBSNT

Toolkit Case: शांतनु मुलुक की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

  • Updated on 2/24/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन (Farmers Protest) से संबंधित टूलकिट केस में आरोपी शांतनु मुलुक (Shantanu Muluk) की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आज यानी बुधवार 24 फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कल यानी 25 फरवरी तक पुलिस को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले में कल फिर से कोर्ट में सुनवाई होगी। 

बता दें कि किसान आंदोलन से संबंधित सोशल मीडिया पर ‘टूलकिट’ शेयर करने में कथित रूप से शामिल होने के मामले में दिशा रवि के सह आरोपी शांतनु मुलुक ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में याचिका दाखिल कर अग्रिम जमानत की मांग की थी।  मुलुक को 16 फरवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से 10 दिनों के लिए ट्रांजिट जमानत मिली थी।

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शांतनु और उसके साथियों के खिलाफ देशद्रोह
शांतनु, दिशा रवि और एक अन्य आरोपी निकिता जैकब के खिलाफ कथित रूप से देशद्रोह समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। दिशा रवि को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की एक टीम ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। उसकी पुलिस हिरासत आज समाप्त हो गई है। शांतनु मुलुक और निकिता जैकब फिलहाल ट्रांजिट जमानत पर हैं।

साइबर सेल दफ्तर में हुई पूछताछ
पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि और इंजीनियर शांतनु मुलुक से किसानों के आंदोलन के समर्थन को लेकर तैयार किए गए ‘टूलकिट’ गूगल डॉक्यूमेंट की जांच के मामले में मंगलवार को दिल्ली पुलिस के साइबर सेल दफ्तर में पूछताछ कल हुई। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने कहा था कि दिशा का मामले में अन्य आरोपियों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक के साथ आमना-सामना कराना है।

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निकिता जैकब से भी पूछताछ
निकिता जैकब और मुलुक सोमवार को जांच में शामिल हुए थे। द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के दफ्तर में उनसे पूछताछ की गई। पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर किए गए ‘टूलकिट’ गूगल डॉक्यूमेंट की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था, जबकि जैकब और मुलुक को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि कृषि कानूनों के खिलाफ  किसानों के आंदोलन के नाम पर भारत में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह ‘टूलकिट’ तैयार की गई थी।

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