Wednesday, Dec 07, 2022
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रैपिड रेल टेस्टिंग शुरू होने की दिशा में और आगे बढा एनसीआरटीसी

  • Updated on 7/16/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। दिल्ली से मेरठ के बीच निर्माणाधीन रैपिड रेल प्रोजेक्ट का निर्माण तो तेजी से चल ही रहा है। साथ ही गुजरात के सांवली से दुहाई डिपो में पहुंचे पहले ट्रेन सेट के टेस्टिंग के लिए भी तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में दुहाई डिपो में बने इंस्पेक्शन बे लाइन पर बने ओएचआई को 25 हजार वोल्ट पर चार्ज किया गया। इस कॉरिडोर पर स्थापित ओएचई को ट्रेनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खासतौर पर डिज़ाइन किया गया है।

हाईवोल्टेज लाइन को लेकर स्थानीय लोगों को जागरूक कर रहा एनसीआरटीसी
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पुनित वत्स ने बताया कि इन सक्रिय आईबीएल लाइनों में 25 हजार वोल्ट की विद्युत आपूर्ति इसे एक उच्च ऊर्जा जोखिम क्षेत्र बना देती है। एनसीआरटीसी ने डिपो में काम करने वाले और उसके आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चार्ज लाइनों के पास आने पर संभावित जोखिमों के बारे में लोगों को सूचित और जागरूक करने के लिए अलग-अलग जगहों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं। दुहाई डिपो के आस-पास कई गांव हैं। वहां के निवासियों को इसके बारे में सूचित और जागरूक करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से घोषणाएं की जा रही हैं। 

पहले आईबीएल लाईन पर ही होगी टेस्टिंग 
जून में आरआरटीएस का पहला ट्रेनसेट सावली, गुजरात में स्थित मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट से दुहाई डिपो लाया गया था और वर्तमान में डिपो में इसपर स्टैटिक कमीशनिंग टेस्टिंग की जा रही है। मेन लाइन पर ट्रेनों के ट्रायल से पहले इन आईबीएल पर आरआरटीएस ट्रेनों का परीक्षण और कमीशन किया जाएगा। इंस्पेक्शन बे लाइनों (आईबीएल) का उपयोग रोलिंग स्टॉक के निरीक्षण और आरआरटीएस ट्रेनों के आवश्यक परीक्षण के लिए किया जाता है। दुहाई डिपो का आईबीएल भी अपने आप में ख़ास है, क्योंकि यहां विशेष प्रकार के रिट्रैक्टेबल ओवर हेड इक्विपमेंट (ओएचई) लगाए गए हैं। डिपो में ट्रेनों की छत के निरीक्षण के लिए यह रिट्रैक्टेबल ओएचई बहुत उपयोगी हैं। क्योंकि रखरखाव के विभिन्न कार्यों के लिए ट्रेन की छत तक निर्बाध एवं सुगम पहुंच की सुविधा प्राप्त करने के लिए इस पूरे ओएचई सिस्टम को एक तरफ स्थानांतरित किया जा सकता है। आईबीएल के ऊर्जाकरण से ट्रेन की डायनेमिक टेस्टिंग में तेजी आएगी और मेन लाइन टेस्टिंग के लिए इसकी तैयारी सुनिश्चित होगी। बता दें कि प्रायोरिटी सेक्शन पर ट्रायल रन इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है और 2023 तक इसके जनता के लिए शुरु किया जाना संभावित है।
 

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