Wednesday, Oct 16, 2019
trade facilitation to be strengthening bilateral cooperation between china and india

व्यापार सुविधा में सहयोग बढ़ाकर ‘असंतुलन’ को दूर किया जा सकता है : चीन

  • Updated on 10/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। व्यापार सुविधा के लिए चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और दोतरफा व्यापार के विस्तार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनानी होगी। इससे भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने में मदद मिल सकती है। चीन की वाणिज्य दूत झू शियाहॉन्ग ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। शियाहॉन्ग ने यहां कहा कि अभी दोनों देशों के बीच भविष्य की कोई व्यापार सुविधा व्यवस्था नहीं है। 

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चीन की वाणिज्य दूत ने उद्योग मंडल फिक्की के भारत-चीन बैठक और हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दोनों पक्षों को व्यापार में सुविधा के मोर्चे पर सहयोग को मजबूत करना चाहिए और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय व्यापार सुगमता अद्यतन करना चाहिए। इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और व्यापार असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी। 

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भारत समय-समय पर चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे के मुद्दे को उठाता रहा है। 2018-19 में व्यापार घाटा 50 अरब डॉलर रहा था। इसके अलावा भारत की शिकायत है कि उसे घरेलू आईटी, कृषि और फार्मा क्षेत्र को चीन के बाजार में निष्पक्ष पहुंच उपलब्ध नहीं है। शियाहॉन्ग ने कहा कि लंबे समय से वस्तुओं के व्यापार में असंतुलन आॢथक सहयोग को आगे बढ़ाने में सबसे प्रमुख समस्या रहा है। 

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उन्होंने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि चीन ने कभी जानबूझकर व्यापार अधिशेष को आगे नहीं बढ़ाया है। चीन इस बात को अच्छी तरह जानता है कि संतुलित व्यापार टिकाऊ और दोनों पक्षों के लाभ वाला होता है। लंबे समय से चीन ने वस्तुओं में व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।’’

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