Saturday, Jul 20, 2019

स्वामी सत्यमित्रानंद को श्रद्धांजलि देने पहुँचे कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और देश के संत

  • Updated on 7/10/2019

हरिद्वार, 10 जुलाई (सह): भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पदमभूषण निवृत शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के षोड़शी और श्रधांजलि महोत्सव सप्तऋषि आश्रम के मैदान में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, स्वामी रामदेव, सूबे की राज्यपाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री समेत देश के कोने-कोने से श्रधांजलि देने संत पहुँचे है। राष्ट्रपति ने अपना संवेदना संदेश भेजा है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने भी संदेश भेजा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी और राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी भी मौजूद रहे।  

षोडशी में करीब 5000 लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया है। देश के अलावा प्रदेश के मंत्री आदि भी पहुँचे है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संदेश पहले पढ़ा गया। जिसमें लिखा है कि 'स्वामी सत्यमित्रानंद जी के देहावसान के बारे में जानकर मुझे अत्यंत दुख हुआ। स्वामी के साथ मेरा वर्षों से संबंध रहा। उन्हें देश की कोटि-कोटि जनता के कल्याण की चिंता रहती थी और वह राष्ट्र सेवा में हमेशा मगन रहे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अनेक संस्थाओं की स्थापना की और विभिन्न संगठनों को साथ लेकर काम किया।'

इसके अलावा बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिंहा, मेघालय के राज्यपाल तथागत राय, सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद, झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र हुड्डा, कथावाचक रमेश भाई ओझा, डॉ प्रणव पंड्या, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक आदि मौजूद हैं। बतातें चले कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का निधन विगत 25 जून को हो गया था।

उनकी पार्थिव देह को हरिपुर कलां स्थित उनके भारत माता मंदिर जनहित ट्रस्ट राघव कुटीर परिसर में भू समाधि दी गई थी। संत परंपरा के अनुसार 16 दिन बाद षोड़शी समारोह का आयोजन किया जाता है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के शिष्य जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने बताया की षोड़शी समारोह के लिए परंपरा अनुसार सभी तैयारियां  की गई है।

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