Friday, Dec 09, 2022
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त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ने से किया इनकार, नड्डा को लिखा पत्र

  • Updated on 1/19/2022


नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बदली राजनीतिक परिस्थतियों में चुनाव लडऩे की अनिच्छा जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी है। रावत ने चुनाव लडऩे की अनिच्छा ऐसे समय पर जाहिर की जब 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटी है और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के पार्टी से निष्कासन से भी जटिलताएं पैदा हो गयी हैं। 

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 भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को लिखे एक पत्र में देहरादून की डोइवाला विधानसभा सीट से विधायक रावत ने कहा कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है और पुष्कर सिंह धामी के रूप में युवा नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘बदली राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे विधानसभा चुनाव 2022 नहीं लडऩा चाहिए, मैं अपनी भावनाओं से पूर्व में ही अवगत करा चुका हूं।’’ 

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हस्तलिखित पत्र में रावत ने स्वयं को‘भाजपा कार्यकर्ता’बताते हुए यह भी कहा है कि उत्तराखंड चुनाव के मद्देनजर वह अपना पूरा समय धामी के नेतृत्व में दोबारा सरकार बनाने के लिए काम करने में लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपसे अनुरोध है कि मेरे चुनाव नहीं लडऩे के अनुरोध को स्वीकार करें ताकि मैं अपना पूरा प्रयास सरकार बनाने में लगा सकूं।’’ भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में से चार साल मुख्यमंत्री पद पर रहे रावत बार-बार नेतृत्व परिवर्तन से नाराजगी के संकेत देते रहे हैं और अब विधानसभा में केवल विधायक के रूप में बैठने में खुद को सहज नहीं पा रहे हैं। 

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कहा जा रहा है कि चारधाम सहित प्रदेश के 53 मंदिरों के प्रबंधन और रखरखाव के लिए गठित चारधाम देवस्थानम बोर्ड सहित उनके कार्यकाल के कुछ अन्य निर्णयों को वापस लिए जाने से भी वह आहत हैं। पिछले साल मार्च में राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत को राज्य की कमान सौंप दी थी। हालांकि, बाद में विधानसभा सदस्य बनने की अनिवार्यता पूरी नहीं हो पाने के कारण तीरथ सिंह को हटाकर पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया गया। 

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