सही साबित हुई अक्षय कुमार की 2.0 मूवी की ये बात, 5G आया तो होगा बड़ा नुकसान

  • Updated on 12/6/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विश्व में बढ़ती हुई टेक्नोलॉजी से कई तरह के फायदे देखने को मिलते हैं। जीवन शैली में काफी सुगमता के साथ समय की बचत भी होती है। हालांकि इन सब बातों के बीच हम भूल जाते हैं कि इससे वातावरण कितना प्रभावित हो रहा है। उसमें रहने वाले जीव- जंतु, पक्षी के लिए कितनी दुश्वारियां उतपन्न होती हैं। ऐसा ही कुछ खुलाशा एक रिपोर्ट में हुआ है। जिसमें बताया गया है कि किस तरह से पक्षियों की जान जा रही है। 

दरअसल भारत में साल 2019 में  नई दिल्ली में  5G सेवा का ट्रायल किया शुरु किया जाना है। इससे पहले नीदरलैंड में भी इस तरह का ट्रायल किया गया था। जिसके बाद पता चला कि इसमें करीब 300 बेजुबानों की जान चली गई। जिससे सवाल खड़ा होता है कि क्या इससे भारत कुछ सीख लेकर बचाव करने का प्रयास करेगा की नहीं। 

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खबर मिली है की लगभग एक सप्ताह पहले नीदरलैंड के शहर हेग के पार्क में कई पक्षियों की मौत हो गई थी। हालांकि लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन, जब पक्षियों की मरने की संख्या ज्यादा होनी लगी तो इसकी जांच शुरु हुई। जिसमें पता चला है कि करीब 300 पक्षी मर चुके हैं।  

दरअसल रेलवे स्टेशन के पास 5G टेस्टिंग की गई थी। जिसके बाद आसपास के इलाकों में पक्षी पेड़ से गिरने लगे। इसके अलावा बतखों का तालाब में बर्ताव असामान्य दिखा। बतख रेडिएशन से बचने के लिए  बार-बार अपना सिर पानी में डुबोती नजर आईं। फिलहाल इस रिपोर्ट की अधिकारिक पुस्टी नहीं हो पाई है। मरें हुए पक्षियों की लैब में टेस्टिंग हो रही है। पक्षियों में जहर के कोई निशान नहीं मिले लेकिन भारी मात्रा में आंतरिक रक्तस्राव हुआ जिसके चलते मौत हुई।  

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2.0 फिल्म में उठाया गया यह मुद्दा

हाल ही में रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म 2.0 में इस मुद्दे को उठाया गया है। फिल्म में एक पक्षीराज का रॉल निभा रहे अक्षय कुमार ने लोगों को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन  (ईएमएफ) के प्रभाव से लोगों की जागरूक करने की कोशिश की है। फिल्म में दिखाया गया है कि  रेडिएशन के प्रभाव से पक्षियों की मौत हो रही है। इसके साथ ही फिल्म में दावा किया गया है कि जो लोग सेलफोन का प्रयोग कर रहे हैं वे लोग पक्षियों की मौत के जिम्मेदार हैं। 

जूही चावला भी 5जी को लेकर जता चुकी हैं चिंता

इससे पहले बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला भी इस विषय पर चिंता जता चुकी हैं। वे मेहता मोबाइल टॉवर रेडिएशन के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा चुकी हैं।  जूही ने अपनी याचिका में स्वास्थ्य खतरों को कम से कम करने के लिए रेडिएशन को कम करने के नियमन तय किए जाने की अपील की थी। इससे पहले, फरवरी माह में जूही चावला ने मोबाइल फोन की 5जी तकनीक को लेकर चिंता जताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था।
 

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