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संत रविदास मंदिर पुर्निमार्ण के लिए जमीन को डी-नोटिफाई करे केंद्र- CM केजरीवाल

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने केंद्रीय आवासीय एवं शहरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को तुगलकाबाद (Tughlakabad) में गिराए गए संत रविदास मंदिर (Sant Ravidas Temple) की जमीन को लेकर एक पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में हरदीप सिंह पुरी से अनुरोध किया है कि केंद्र वन विभाग की जमीन को मंदिर बनाने के लिए डि-नोटिफाई करे।


अपने पत्र में सीएम केजरीवाल ने लिखा है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने 10 अगस्त 2019 को तुगलकाबाद गांव में संत रविदास जी का मंदिर गिरा दिया था। इससे करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस मंदिर को गिराए जाने के बाद संत रविदास जी के अनुयायी दुनिया भर में और दिल्ली में भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संत रविदास जी न केवल दलित समाज के बल्कि सभी समुदायों के श्रद्धेय संत थे।

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मंदीर को दोबारा स्थापित करने की संभावना
सीएम केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले 5 शताब्दियों से संत रविदास जी की शिक्षाएं हर पीढ़ी को सशक्तबना रही हैं और दिशा दिखा रही हैं। मंदिर और उसकी अन्य संपत्तियां गिरा दी गई हैं, लेकिन अब भी मंदिर को दोबारा स्थापित करने की संभावनाएं बाकी हैं। 

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'केंद्र ही कर सकता है जमीन का डि-नोटिफिकेशन' 
उन्होंने लिखा है कि मुझे बताया गया है कि मंदिर को दोबारा स्थापित करने और इस अन्याय को ठीक करने का अभी भी अवसर है। जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए डीडीए अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकती है। सीएम केजरीवाल ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि जमीन पर डीडीए का स्वामित्व है। ये वन विभाग की जमीन है और इस पर डीडीए का नियंत्रण है, इसलिए केवल केंद्र ही जमीन का डि-नोटिफिकेशन कर सकता है।


 

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