Wednesday, Dec 08, 2021
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पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगी दिल्ली विधानसभा की सुरंग और फांसी घर

  • Updated on 9/4/2021

नई दिल्ली/ ताहिर सिद्दीकी। अब तक आपने दिल्ली विधानसभा में सत्र के दाैरान सदन की कार्यवाही इंटरनेट मीडिया पर ही देेखी होगी। लेकिन जल्द आप दिल्ली विधानसभा में जाकर वहां स्थित ऐतिहासिक संपदा को नजदीक से देख सकेंगे। आजादी से पहले बनी इमारत का नजदीक से दीदार कर सकेेंगे। यहां पर सुरंग और उस फांसी घर को देख सकेंगे। हफ्ते में 2 दिन जनता को विधानसभा में आने का अवसर मिल सकता है।

देश को आजाद कराने की आवाज उठाने वाले अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को यहां फांसी पर लटका दिया गया। विधानसभा में वर्षों से बंद पडे़ फांसी घर को लोेगों को दिखाने के लिए खोला जाएगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1918 और 1931 में यहां भ्रमण किया था।राष्ट्रपिता और क्रांतिकारियों से संबंधित एक डिजिटल गैलरी यहां तैयार की जाएगी।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि सुरंग विधानसभा को लाल किले  से जोड़ती है। हालांकि मेट्रो परियोजना और सीवर बनाने के चलते सुरंग के सभी रास्ते नष्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इसे अंग्रेजों ने वर्ष 1926 में कोर्ट में बदल दिया था और अंग्रेजों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को लाने-ले जाने के लिए इस सुरंग का इस्तेमाल किया गया।

बता दें कि अंग्रेज जब कोलकाता छोड़कर दिल्ली को राजधानी बनाने आए तो उन्होंने देश चलाने के लिए पहले ही स्थान का चयन कर लिया था। लंदन के मशहूर आर्किटेक्ट ई. मोंटे ने पुराना सचिवालय यानी दिल्ली विधानसभा इमाारत का नक्शा तैयार किया और उसे अमलीजामा भी पहनाया। 2 साल में इसका निर्माण हुआ और वर्ष 1912 में अंग्रेजों ने यहां से राज चलाना शुरू कर दिया। उस वक्त इंपीरियल ऑफ काउंसिल देश चलाती थी। बाद में 1920 में नेशनल पार्लियामेंट का गठन कर दिया गया। अंग्रेजों ने यहां से 1926 तक राज चलाया।

बताते हैं कि बीच में यमुना में भीषण बाढ़ आई थी, जिसकी चपेट में यह सचिवालय भी आ गया। अंग्रेजों को पता चल गया था कि यहां से राज चलाना मुश्किल है, इसलिए उन्होंने रायसीना हिल (नई दिल्ली क्षेत्र) में बसने की तैयारी कर ली। पहले दिल्ली विधानसभा परिसर में आम जनता काे जाने की अनुमति नहीं थी। मगर पिछले सालों से आम लोेगोें को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर यहां आम जनता को घूमने की अनुमति दी जा रही है।

विधानसभा की इमारत को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोग भी दिल्ली विधानसभा के इतिहास को नजदीक से समझ सकेंगे। विधानसभा लोेगों में देशभक्ति का जज्बा भी पैदा करेगी। यहां अनेक बलिदानियों की शौर्य गाथा से लोग रूबरू होेंगे। कुछ माह पूर्व यहां एक विशाल अशाेक स्तंभ लगाया गया है। यहां पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल कहते हैं कि हमारी योजना है कि पर्यटक जब यहां आएं तो यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं।

दिल्ली विधानसभा में है फांसी घर
विधानसभा में फांसी घर है। इस फांसी घर को आज भी सुरक्षित रखा गया है। यह फांसी घर आजाद भारत के पहले के समय का है। विधानसभा में लंबे समय तक रहे एक कर्मचारी बताते हैं कि पहले वह व्यवस्था दिखाई देती थी जिस पर फांसी दी जाती हाेती। मगर करीब 20 साल पहले दीवार बना दी गई और उसे ढंक दिया गया। क्योंकि उसे देखकर विधानसभा के कर्मचारी डरते थे।

अब इस दीवार को हटाया जाएगा और मुख्य इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित इस फांसी घर को ठीक किया जाएगा।विधानसभा परिसर में म्यूजिकल फाउंटेन लगाया गया है, जो शाम के समय यहां लोेगों को बेहतर महसूस कराता है रात के दौरान विधानसभा की इमारत पर रंग-बिरंगी रोशनी की जाती है।

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