Thursday, Feb 09, 2023
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twin tower of corruption: 7 years to build... 9 seconds to demolish

भ्रष्टाचार का ट्विन टावरः बनाने में 7 साल... ढहाने में लगेंगे 9 सेकेंड

  • Updated on 8/28/2022

नई दिल्ली/दिनेश शर्मा। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर नोएडा के सेक्टर-93ए में एमरॉल्ड कोर्ट सोसायटी में भ्रष्टाचार की नींव पर खड़े किए गए दो टावर (सियान और एपेक्स) को  रविवार 28 अगस्त दोपहर ढाई बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा। इस ब्लास्ट में सबसे अहम प्राइमरी और सेकंड्री ब्लास्ट है।

20 फ्लोर पर प्राइमरी ब्लास्ट किया जाएगा, इसमें एपेक्स टावर के बेसमेंट फर्स्ट फ्लोर, 2, 6,10,14,18, 22, 26 और 32 हैं। इसे 100 प्रतिशत रीचार्ज किया गया है। ये पिलर को ब्लास्ट कर इमारत को नीचे आने के लिए प्रेशर बनाएंगे। दोनों टावर में आठ फ्लोर ऐसे हैं जिसमें सेकेंड्री ब्लास्ट किया जाएगा।

इसमें दोनों टावरों 4, 8,12,16, 20, 24, 28 और 30 हैं। ये ग्रेविटी के अनुसार दोनों टावर को नीचे लेकर आएंगे। इसे 40 प्रतिशत रीचार्ज किया गया है। टावरों को गिराने के लिए दो ब्लास्ट (प्राइमरी और सेकेंडरी) होंगे। प्राइमरी ब्लास्ट का सिक्यूसेंस 0 से 7.0 सेकंड का होगा। इसी तरह सेकेंडरी ब्लास्ट 0 से 3.5 सेकंड का होगा। दोनों इमारत नौ सेकेंड में जमींदोज हो जाएंगी। एक्सपर्ट ने बताया कि काउंटडाउन शुरू होते ही स्पार्क को एक्टिवेट करना शुरू कर दिया जाता है। 

दूसरी इमारतों के फ्लैटों को बाहर से किया रैप
सोसाइटी के लोगों ने अपनी बालकनी, पेड़ो को खुद ही रैप कर दिया है। पादर्शी पालिथीन का प्रयोग पेड़ों के लिए किया जा रहा है। मोटी पालिथीन और तिरपाल से घरों की खिड़की और बालकनी को ढका गया है। ताकि धूल उनके घर में न घुस सके।

दोनों टावरों को गिराने में खर्च 17.55 करोड़  

सुपरटेक के दोनों टावरों (एपेक्स-सियान) के प्रोजेक्ट को लेकर 23 नवम्बर वर्ष 2004 में इसकी प्लानिंग पर काम शुरू किया गया। इसका निर्माण 48 हजार 260 वर्ग मीटर जमीन पर किया जाना था। 14 टावरों का नक्शा पास किया गया, ये सभी टावर नौ मंजिल के बनने थे। 21 जून 2006 को एक सप्लीमेंट्री लीज डीड कर इस भूखंड में 6556.1 वर्ग मीटर जमीन और दी गई।

यह जमीन हरित क्षेत्र के लिए थी। इस पर निर्माण 2006 में शुरू किया गया। इसे बनने में 7 साल लगे थे। अब ये 9 सेकेंड में  ध्वस्त कर दी जाएगी। ध्वस्तीकरण में जो लागत आएगी, उस पर 17.55 करोड़ की रकम खर्च होगी। 

CM योगी ने अफसरों के साथ की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने पूरे मामले की समीक्षा की। आईआईडीसी ने मुख्यमंत्री के सामने ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण की पूरी रूप रेखा पेश की। योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा बैठक में टावर के आसपास आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों को हर हाल में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए निर्देश दिए हैं।

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