Tuesday, Jan 25, 2022
-->
Twist from tweet in Jyoti episode: Open drain, no one to keep it

ज्योति प्रकरण में ट्वीट से ट्विस्ट : खुला नाला, कोई नहीं रखवाला

  • Updated on 9/29/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर दंपति में आपसी तकरार के कारण बच्ची के गहरे नाले में गिरने के प्रकरण में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को ट्वीट किए जाने से नया ट्विस्ट आ गया है। ट्वीट के जरिए भाजपा नेता ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को कटघरे में खड़ा किया है। संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए नाले के ऊपर एहतियातन जाली नहीं लगाई गई है। यदि जाली लगाकर नाले को कवर कर दिया जाता तो बच्ची को ढूंढने में इतनी ऊर्जा खर्च नहीं करनी पड़ती। भाजपा नेता ने एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर समुचित कार्रवाई की अपील की है। 

एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल
राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर कौशाम्बी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात यह घटना प्रकाश में आई थी। सनोज अपनी पत्नी अरिमा और बेटी ज्याति (10) के साथ भोवापुर गांव में रहता है। यह दंपति मूल रूप से बिहार के जनपद वैशाली का रहने वाला है। दंपति के बीच आपसी विवाद इस कदर बढ़ा कि मासूम ज्योति की जान पर बन आई। एनएच-9 पर नाले के ऊपर पुल पर पति-पत्नी में झगड़े के दौरान ज्योति अचानक पिता के हाथ से छूट गई थी। माता-पिता कुछ कर पाते इसके पहले वह नीचे गहरे नाले में जा गिरी। पुलिस और नगर निगम की टीम ज्योति की तलाश में भरसक प्रयास कर रही है, मगर नतीजा कुछ नहीं निकला है। 

केंद्रीय मंत्री से शिकायत
यूपी गेट के पास जिस जगह यह घटना घटी, वहां खुला नाला लंबे समय से दुर्घटना को न्यौता दे रहा है। भाजपा नेता मनोज गोयल ने इस हादसे की बावत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ट्विटर के माध्यम से ट्वीट कर शिकायत की है। उनका कहना है कि उपरोक्त घटना में एनएचएआई भी कम जिम्मेदार नहीं है। नियमानुसार मुख्य मार्ग के नीचे नदी, नाले अथवा रेलवे लाइन होने पर एहतियात के तौर पर जाल लगाना जरूरी होता है ताकि किसी हादसे को रोका जा सके, मगर एनएचएआई ने वहां ऐसा कुछ नहीं किया है। खुले नाले पर अगर जाल लगा होता तो यह दुर्घटना टल सकती थी। केंद्रीय मंत्री से इस मामले में उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

comments

.
.
.
.
.