Tuesday, Oct 19, 2021
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twitter not accepting from governments new guidelines many companies appointed officer prshnt

गाइडलाइन्स को नहीं मान रहा Twitter, केंद्र ने कहा- लोकतंत्र को हांकने की कोशिश

  • Updated on 5/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर कई दिनों से लगातार खबरें आ रही है। सरकार की ओर से जारी नई गाइलाइंस को लेकर सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी और बढ़ती जा रही है, प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि अब तक सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरफ से नियमों के मुताबिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, लेकिन ट्विटर ने अभी तक नियमों के मुताबिक कर्रवाई नहीं की है।

हाल ही में व्हाट्सएप दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। वहीं अब नई गाइडलाइंस को फॉलो करने से ट्विटर ने इनकार कर दिया। और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में सरकार ने ट्विटर से नाराजगी जताई है। 

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ट्विटर को मिला सख्त संदेश
हाल ही में व्हाट्सएप दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। वहीं अब नई गाइडलाइंस को फॉलो करने से ट्विटर ने इनकार कर दिया। और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में सरकार ने ट्विटर से नाराजगी जताई है। 

इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की ओर से स्वदेशी कू ऐप पर बयान जारी किया गया है जिसमेंर ट्विटर पर भी हमला बोला गया, कू ऐप पर सरकार की पोस्ट से साफ है कि वह ट्विटर को सख्त संदेश देना चाहती है। सरकार ने अपने बयान में कहा है कि ट्विटर ने दुनिया के सबसे लोकतंत्र को हांकने की कोशिश की है। मंत्रालय ने कहा कि ट्विटर ने उन रेग्युलेशंस को मानने से इनकार कर दिया है और भारत में किसी आपराधिक गतिविधि के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनने जैसा काम किया है। 

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गैर- पारदर्शी नीतियां
इसके साथ ही सरकार ने ट्विटर को भारत की लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी की परंपरा की भी याद दिलाई है। भारत में बोलने की आजादी का संरक्षण करने के लिए हमें किसी निजी, मुनाफे के लिए संचालित और विदेशी संस्थान की जरूरत नहीं है। यहां तक कि बोलने की आजादी रोकने का काम खुद ट्विटर और उसकी गैर-पारदर्शी नीतियों ने किया है। इसी के चलते लोगों के अकाउंट्स को सस्पेंड किया जा रहा है ।

बता दें कि टूलकिट मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जमकर विवाद हुआ। इस मामले के बीच ट्विटर ने बीजेपी के ट्वीट को मेनीपुलेटेड मीडिया करार दिया। जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ट्विटर इंडिया के दफ्तर पर छापा मारने पहुंच गई। दिल्ली पुलिस की छापेमारी के कुछ दिनों बाद अब ट्विटर ने कहा है कि वह भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

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