Wednesday, Jan 26, 2022
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एम्स में पुन: बहाली को लेकर फिल्म ‘शोले की वीरू’ बन गईं दो महिला कर्मी

  • Updated on 4/26/2019

ऋषिकेश/ब्यूरो। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश से निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की सुबह करीब 7:30 बजे नर्सिंग सेवा से निकाली गई दो महिला कर्मी रेलवे स्टेशन जीआरपी चौकी के समीप स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं।

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टंकी पर चढ़ी कंचन और मनीषा ने कहा कि जब तक एम्स प्रशासन निकाले गए सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को बहाल नहीं करता है, वे अपनी मांग पर अड़ी रहेंगी। एम्स निष्कासित कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष दीपक रयाल ने बताया कि उन्हें करीब आठ बजे अन्य साथियों से सूचना प्राप्त हुई।

सेवा बहाली के लिए आयोजित धरने में शामिल होने के कारण मनीषा चंचल के पति लैब असिस्टेंट सतीश चंचल को सेवा से हटा दिया गया था। मौके पर अन्य आंदोलनकारी भी पहुंचे। इस दौरान जीआरपी के कुछ सिपाहियों ने मौका मुआयना किया। रेलवे स्टेशन के समीप पानी की टंकी पर चढ़ी एम्स से निष्कासित दोनों महिलाओं ने लिखित संदेश भेजकर बहाली की मांग की है।

सूचना पर एसडीएम प्रेमलाल, तहसीलदार रेखा आर्य, एसएसआई मनोज नैनवाल पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाओं से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने वार्ता करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, नौकरी चाहिए।

एसडीएम प्रेम लाल का कहना है कि वह अपने स्तर पर एम्स डायरेक्टर से बात करेंगे। यदि किसी भी नियम के तहत कर्मचारियों की बहाली हो सकती है, तो उसके प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कर्मचारियों से संयम बरतने की अपील की है। समाचार लिखे जाने तक दोनों महिलाओं को बातचीत से मनाने की कोशिश की जा रही थी।

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