Saturday, Dec 03, 2022
-->
udupi-temple-management-banned-muslims-business-premises-hindu-organizations-appeal-rkdsnt

हिंदू संगठनों की अपील पर उडुपी मंदिर प्रबंधन ने मुस्लिमों के कारोबार पर लगाई रोक

  • Updated on 3/23/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कर्नाटक में उडुपी जिले के कापू शहर में मारी गुड़ी मंदिर प्रबंधन ने हिंदू सगठनों के अनुरोध पर सालाना उत्सव के दौरान अन्य धर्म के लोगों को मंदिर की जमीन पर कारोबार नहीं करने देने का फैसला किया है। राज्य विधानसभा में भी यह मामला उठा,जहां सरकार ने इससे दूरी बना ली। विधानसभा में यह मुद्दा उठाये जाने पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नियमों का हवाला देते हुए इससे दूरी बना ली। 

ठाकरे का इस्तीफा मांगने पर नाना पटोले ने भाजपा को आड़े हाथ लिया 

  •  

राज्य सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि ये नियम मंदिर परिसर के बाहर रेहड़ी-पटरी लगाने वालों पर लागू नहीं होते हैं और अगर इसके चलते कोई भी व्यवधान उत्पन्न होता है तो कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि वह इस मामले में अगला कदम उठाने से पहले नियमों और जमीनी हालात का जायजा लेगी। हिंदू जागरण वेदिका और तुलुनाडु हिंदू सेना जैसे संगठनों ने मंदिर प्रबंधन से मंगलवार और बुधवार को दो दिवसीय धार्मिक मेले के दौरान मुस्लिम व्यापारियों को कारोबार करने की अनुमति नहीं देने की अपील की थी। जिसके बाद मंदिर प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। 

खड़गे का मोदी सरकार पर तंज, बोले- बैलगाड़ी की रफ्तार से चल रहा है बुलेट ट्रेन का काम

इन संगठनों ने कहा कि मुसलमानों ने हिजाब मुद्दे पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ बंद का समर्थन किया था, जो भारत के कानून और न्यायिक प्रणाली के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है। मंदिर प्रबंधन के एक कार्यकारी अधिकारी ने कापू में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हिंदू संगठनों ने एक ज्ञापन सौंपकर हमें मारी गुड़ी त्योहार के दौरान अन्य धर्म के लोगों के बजाए केवल हिंदू व्यापारियों को कारोबार करने की अनुमति देने के लिए कहा। तदनुसार, मंदिर प्रबंधन ने ऐसे किसी भी व्यक्ति को किराए पर जमीन नहीं देने का फैसला किया है, जो हिंदू नहीं है। केवल हिंदुओं को व्यापार करने के लिए जगह दी जाएगी।’’ 

वहीं उडुपी ‘डिस्ट्रिक्ट स्ट्रीट वेंडर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन’ ने जिला प्रशासन से मुसलमान कारोबारियों को हिंदू त्योहारों और सालाना मंदिर मेलों के दौरान व्यवसाय करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।उडुपी में पत्रकारों से बात करते हुए संगठन के जिला सचिव मोहम्मद आरिफ ने कहा कि सालाना कापू मारी गुडी उत्सव के दौरान बैनर लगाए गए, जिसमें कहा गया था कि मुस्लिम विक्रेताओं को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस तरह के बैनर पादुबिद्री मंदिर उत्सव में भी लगाए गए। 

उपराज्यपाल बैजल ने विधानसभा में कहा- दिल्ली की जीडीपी 50 फीसदी तक बढ़ी

मंदिर प्रबंधन को सौंपे गए एक ज्ञापन में कापू के तुलुनाडु हिंदू सेना ने अपील की कि ‘सुग्गी मारी पूजा’ उत्सव के दौरान किसी भी मुस्लिम को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिंदू सेना ने कहा, ‘‘मारी पूजा उत्सव के दौरान किसी भी मुस्लिम को स्टाल लगाने के लिए जगह नहीं दी जानी चाहिए। अगर मुसलमानों को अपने स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाती है, तो आप (मंदिर अधिकारी) अकेले समस्या और खतरे के लिए जिम्मेदार होंगे। इसलिए, आपको मुसलमानों को दुकान लगाने के लिए जगह नहीं देना चाहिए ।’’ हिंदू जागरण वेदिका के प्रकाश के. ने कहा कि कापू शहर में मारी पूजा उडुपी जिले का एक बहुत बड़ा त्योहार है जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम व्यापारी यहां व्यापार करते हैं। 

हीरो मोटोकॉर्प, उसके चेयरमैन के परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी 

 उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो लोग हमारे भगवान, हमारे धार्मिक स्थलों का सम्मान नहीं करते हैं और एक अलग धर्म का पालन करते हैं, उन्हें हमारे धार्मिक त्योहारों के दौरान व्यापार नहीं करना चाहिए। हिंदू समुदाय ने मारी गुड़ी मंदिर प्रबंधन से यह अपील की थी।’’ अपील के पीछे का कारण बताते हुए, उन्होंने कहा कि हाल ही में मुस्लिम व्यापारियों ने कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा हिजाब के फैसले के खिलाफ राज्य भर में बंद का आयोजन किया था। 

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया 

उधर, विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में राज्य के कानून मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कहा, ‘‘वर्ष 2002 में कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम के नियम बनाते समय, नियम 12 में कहा गया है कि संस्थान के पास स्थित भूमि, भवन या स्थल सहित कोई भी संपत्ति गैर-हिंदुओं को पट्टे पर नहीं दी जाएगी। इन नियमों का हवाला देते हुए पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं।’’ नियमों का पालन किए जाने का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘अगर परिसर के भीतर चीजें (अन्य धर्म के कारोबारियों द्वारा कार्य) हो रही हैं तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा। हमारी (भाजपा) सरकार ने यह नियम नहीं बनाए हैं। ये नियम 2002 में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए थे और अब आप हम पर आरोप मढऩे का प्रयास कर रहे हैं।’’ 

भाजपा ने संसद को बनाया ‘रोम का कोलोसियम’, जहां पीएम ‘ग्लेडियेटर’ : महुआ

मामले में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि मंदिर मेलों के दौरान धार्मिक स्थलों के पास के क्षेत्रों को पट्टे पर दिया जाता है और जो पट्टे पर लेते हैं वे व्यापारियों को उपठेका देते हैं। उन्होंने कहा,‘‘ ये उन लोगों द्वारा लिए गए निर्णय हैं जिन्होंने पट्टे लिए हैं....हम गौर करेंगे कि नियम क्या कहते हैं और हकीकत क्या है।’’ इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के उडुपी जिला सचिव बालकृष्ण शेट्टी ने उडुपी के उपायुक्त को हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा कि इस तरह की कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाए क्योंकि यह राज्य भर में एक अलग रुख ले सकता है और आगे चल कर इससे ध्रुवीकरण हो सकता है।


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.