Tuesday, Nov 29, 2022
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उमा भारती ने ASI संरक्षित मंदिर में पूजा नहीं कर पाने पर अन्न त्यागने का किया फैसला 

  • Updated on 4/11/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मध्य प्रदेश के रायसेन किले में एएसआई की अनुमति के अभाव में सोमेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन नहीं कर पाने के कारण वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने सोमवार को ‘ मन की शांति ’ के लिए इस मंदिर में जलाभिषेक करने की अनुमति मिलने तक ‘अन्न त्यागने’ का फैसला लिया है। उधर, दिल्ली के कुतुबमीनार में विहिप मंदिर की मूर्तियां फिर से बनाने की मांग पर आंदोलनरत है।

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भारती आज सुबह अनुष्ठान करने के लिए भोपाल से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित रायसेन किला मंदिर पहुंची लेकिन उन्हें मंदिर के बाहर से ही पूजा करनी पड़ी क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सोमवार तक इस मंदिर को खोलने की अनुमति नहीं दी थी। 

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प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री भारती ने एक बयान में कहा, ‘‘ सोमेश्वर महादेव का अभिषेक नहीं कर पाने से मेरे हृदय में गहरा संताप हुआ है इसलिए अपनी भावना पर नियंत्रण रखने एवं अपने चित्त की शांति के लिए मैंने सोमेश्वर महादेव पर जल चढ़ा लेने तक अन्न त्यागने का फैसला लिया है।’’ इससे पहले भारती ने रायसेन के कलेक्टर को लिखा था कि वह नवरात्रि के बाद सोमवार को मंदिर में जलाभिषेक की व्यवस्था करें। 

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भारती का पत्र मिलने के बाद रायसेन के जिलाधिकारी अरविंद दुबे ने एएसआई प्रशासन को पत्र लिखा लेकिन एएसआई ने सोमवार तक इस मंदिर को खोलने की अनुमति नहीं दी। इतिहासकार राजीव लोचन चौबे के अनुसार, अफगान शासक शेरशाह सूरी ने 1543 में धोखे से स्थानीय शासन पूरणमल को हरा दिया था और किले और मंदिर पर कब्जा कर लिया जो कि तब से बंद है और इस स्थान पर एक मस्जिद बन गई है। 

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चौबे के अनुसार, वर्ष 1947 के बाद से रायसेन का किला और मंदिर केंद्रीय पुरातत्व विभाग की देखरेख में है और तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी ने 1974 में एक जन आंदोलन के बाद महाशिवरात्रि के एक दिन यहां पूजा की अनुमति दी थी। 

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