Tuesday, Jan 18, 2022
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unga president abdullah shahid said – i have taken covishield made in india musrnt

UNGA अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा-  मैंने भारत में बनी कोविशील्ड की दोनों डोज ली है

  • Updated on 10/2/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि उन्होंने भारत में निर्मित कोविशील्ड टीके की दोनों खुराकें ली हैं। ब्रिटिश- स्वीडिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड टीके का उत्पादन भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करता है।

शाहिद ने अपनी पहली प्रेस वार्ता में कहा, ‘टीकों के बारे में, यह एक बहुत ही तकनीकी प्रश्न है जो आपने मुझसे पूछा है। मुझे भारत में बना कोविशील्ड टीका लगा है, मुझे दोनों खुराकें मिल गई हैं। मुझे नहीं पता कि कितने देश कहेंगे कि कोविशील्ड स्वीकार्य है या नहीं, लेकिन दुनिया के कई देशों को कोविशील्ड मिला है।’

वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या किसी कोविड टीके को मान्यता दी जानी चाहिए और उन पर विचार किया जाना चाहिए या उन टीकों पर जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) या किसी अन्य संगठन द्वारा मान्य किया गया है।

उन्होंने हंसते हुए कहा, मैं जीवित हूं। लेकिन किसी दूसरे को, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े किसी व्यक्ति को इसपर फैसला लेने दें, मुझे नहीं।’ भारत ने अनुदान, वाणिज्यिक खेपों और कोवैक्स पहल के माध्यम से लगभग 100 देशों को 6.6 करोड़ से अधिक टीकों की खुराकों का निर्यात किया है। शाहिद का देश, मालदीव, जनवरी में भारत निर्मित टीके प्राप्त करने वाले पहले देशों में से एक था, कोविशील्ड की 1,00,000 खुराक वहां भेजी गई थीं।

ब्रिटेन ने शुरू में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, इस फैसले पर भारत की कड़ी आलोचना के बाद, उसने 22 सितंबर को अपने नए दिशानिर्देशों में संशोधन किया और टीका को शामिल किया।

कोरोना खत्म करने में भारत की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका

जो बाइडन प्रशासन की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि भारत इस कोविड-10 वैश्विक महामारी को खत्म करने में पूरी दुनिया में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उसने टीमा निर्माण क्षमता बढ़ाने में लंबे समय से निवेश किया है।      भारत ‘वैक्सीन मैत्री’ कार्यक्रम के तहत अक्टूबर में अधिशेष कोविड-19 टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा और कोवैक्स वैश्विक साझेदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगा।

कोवैक्स का सह- नेतृत्व गावी (टीका गठबंधन), महामारी तैयारी नवोन्मेष के लिए गठबंधन (सीईपीआई) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए अमेरिकी एजेंसी (यूएसएड) की प्रशासक समांता पावर ने कहा, अब स्पष्ट है कि टीका निर्माण पर निर्यात प्रतिबंध हटने जा रहा है... भारत इस महामारी को समाप्त करने में पूरी दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। अपने नवाचार के कारण, टीका निर्माण क्षमता के विस्तार में लंबे समय से किए गए निवेश के कारण, वह ऐसा कर पाएगा।’

उन्होंने कहा, अभी हम वास्तव में कठिन दौर में हैं क्योंकि जैसा आप जानते हैं, टीकों की बहुत कमी है। और... भारत बहुत जल्द वापस सक्रिय होने जा रहा है। दुनिया के नेताओं ने अभी- अभी कोविड शिखर सम्मेलन में जिस लक्ष्य को तय किया है उसे पूरा करने में भारत एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में तैयार है। यह लक्ष्य मुख्य रूप से अगले साल दुनिया के प्रत्येक देश की 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करना है।’

पावर ने भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा के साथ यूएसएड की चर्चा में कहा, मेरे विचार में भारत एक प्रेरणा भी है। आप जानते हैं कि कोविड अभी नहीं जाने वाला है और यह जलवायु की ही तरह एक अहम मुद्दा है। दोनों ही मोर्चों पर, आप जानते हैं कि भारत जलवायु के मोर्चे पर अक्षय ऊर्जा की तरफ जाने में नवाचार कर रहा है, और टीके के मोर्चे पर वह अपनी टीका निर्माण क्षमता का विस्तार कर रहा है।’

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