Tuesday, Oct 04, 2022
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विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने किया ‘अग्निपथ’ योजना का बचाव 

  • Updated on 6/16/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सेना में भर्ती के लिए नयी योजना ‘अग्निपथ’ के खिलाफ कई राज्यों में ङ्क्षहसक विरोध प्रदर्शनों के बीच, कई केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बृहस्पतिवार को इस योजना का बचाव करते हुए कहा कि इससे छात्रों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही इन नेताओं ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी के भी बहकावे में ना आने की गुजारिश की। केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने ‘‘अग्निपथ योजना’’ को दूरगामी परिणाम लाने की दिशा में एक सार्थक पहल करार दिया और इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से आग्रह किया कि वे भड़काने वाले तत्वों के झांसे में ना आएं। 

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चौबे ने यहां एक बयान में कहा कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर सहित अन्य जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली और उनसे कहा है कि वह आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग ना करें, बल्कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से समझाएं। देश के विभिन्न हिस्सों में साढ़े सत्रह से 21 साल तक के युवाओं को चार साल के लिए सेना में संविदा पर भर्ती करने के वास्ते केंद्र द्वारा शुरू की गयी ‘अग्निपथ योजना’ का विरोध करते हुए भर्ती के आकांक्षी युवाओं ने बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं जबकि कुछ स्थानों पर रेल और सड़क यातायात बाधित किया।  

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केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अग्निपथ योजना देश, सेना और युवाओं के हित में है। इसे संपूर्णता में समझने की जरूरत है।’’ उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि ‘‘कुछ लोग’’ आज युवाओं और छात्रों के कंधों पर रखकर बंदूक चलाने का काम कर रहे हैं, जिनकी मंशा अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना है। चौबे ने छात्रों को विश्वास दिलाते हुए कहा, ‘‘यह योजना दूरदृष्टिपूर्ण और दूरगामी परिणाम लाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस योजना से न सिर्फ लाखों युवा लाभान्वित होंगे बल्कि उनके अंदर राष्ट्रवाद की भावना और प्रबल होगी।’’ उन्होंने कहा कि इजराइल जैसे सैन्य ²ष्टि से मजबूत देश में भी ऐसी ही एक योजना है। 

उन्होंने कहा, ‘‘अग्निपथ से लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। देश में राष्ट्रवाद की भावना बढ़ेगी। इसमें चयनित युवा न सिर्फ चार साल के लिए बल्कि आगे भी अनेक प्रकार से लाभान्वित होंगे। केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों में उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।’’ चौबे ने खुद को 1974 के जेपी आंदोलन का सिपाही बताया और प्रदर्शनकारी छात्रों से आग्रह किया कि वे ‘‘भड़काने वाले तत्वों के झांसे में ना आएं और राष्ट्र विकास के अभियान में अपना सहयोग दें।’’ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी कुछ इसी प्रकार की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना देश में कुशल मानव संसाधन विकसित करने की दिशा में एक वृहद अभियान है। उन्होंने इस अभियान को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार दिया और कहा, ‘‘इससे युवाओं के लिए नए द्वार खुलेंगे और उनके बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।’’ 

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से‘अग्निपथ’ योजना को लेकर किसी बहकावे में नहीं आने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को राष्ट्र व समाज की सेवा के लिए तैयार करेगी। उन्होंने ट्वीट किया,‘‘युवा साथियों,‘अग्निपथ योजना’आपके जीवन को नए आयाम प्रदान करने के साथ ही भविष्य को स्र्विणम आधार देगी। आप किसी बहकावे में न आएं।’’ आदित्यनाथ ने युवाओं को आश्वस्त करने का प्रयास करते हुए कहा, ‘‘मां भारती की सेवा हेतु संकल्पित हमारे‘अग्निवीर’राष्ट्र की अमूल्य निधि होंगे व उप्र सरकार अग्निवीरों को पुलिस व अन्य सेवाओं में वरीयता देगी। जय हिंद।‘‘ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना का स्वागत किया और कहा कि यह राज्य के युवाओं के लिये एक अच्छा अवसर है, जहां अधिकतर लोग सेना में काम करना चाहते हैं। धामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘सशस्त्र बलों के साथ उत्तराखंड का जुड़ाव जगजाहिर है। देश के सशस्त्र बलों का इतिहास सैन्यभूमि कहे जाने वाले हमारे राज्य के सैनिकों की वीरता की कहानियों से भरा पड़ा है।‘‘ 

उन्होंने कहा,‘‘उत्तराखंड में लगभग हर परिवार में कोई न कोई सशस्त्र बलों में है। अग्निपथ योजना युवाओं के लिये एक अच्छा अवसर है।‘‘ भाजपा प्रवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस बीच एक वीडियो ट्वीट कर प्रदर्शनकारी छात्रों से अपील की कि वह पहले इस योजना को समझें ओर उसके बाद ही कोई कदम उठाएं। उन्होंने इसे देश व युवाओं के लिए फायदेमंद बताया और कहा कि आज की तारीख में सशस्त्र बलों में जितनी भर्ती होती है, उससे कई गुणा ज्यादा संख्या में युवाओं की इस योजना के तहत भर्ती होगी। हर चार में से एक युवक को कम से कम 15 साल और सेना में नौकरी करने का अवसर मिलेगा तथा जो अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त भी होंगे, वह 24 साल की उम्र में 20 लाख रुपये कमा चुके होंगे और उन्हें अन्य पुलिस बलों की नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी। 

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उन्होंने कहा कि यह योजना दुनिया के कई देशों में सफलता से क्रियान्वित की जा रही है। कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच, सरकार ने भी एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि नया ‘मॉडल’ न केवल सशस्त्र बलों के लिए नयी क्षमताएं लाएगा, बल्कि निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर के द्वार भी खोलेगा। सरकार ने साथ ही कहा कि यह (योजना) युवाओं की वित्तीय पैकेज के माध्यम से उद्यमी बनने में भी मदद करेगा। योजना को लेकर जताई जा रही ङ्क्षचताओं को दूर करने के लिए‘मिथक बनाम सच’दस्तावेज जारी करने के अलावा, सरकार की सूचना प्रसार शाखा ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किये, जिनमें कहा गया कि आने वाले वर्षों में, अग्निवीरों की भर्ती सशस्त्र बलों में वर्तमान भर्ती से लगभग तिगुनी होगी और रेजिमेंट प्रणाली में किसी भी बदलाव से इनकार किया।

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