Tuesday, Oct 04, 2022
-->
unique-kanwar-yatra-somewhere-nationalism-was-shown-and-somewhere-smart-work

अनोखी रही कांवड़ यात्रा, कहीं दिखा राष्ट्रवाद तो कहीं स्मार्ट वर्क

  • Updated on 7/26/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा का लगभग समापन हो गया है। मंगलवार रात सवा नौ बजे से भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू होगा। शिवलय भगवान शंकर के उद्घोष से गूंज रहे हैं क्योंकि जलाभिषेक का सिलसिला बुधवार को भी चलेगा। लेकिन इस बार की कांवड़ यात्रा कई मायनों में अनोखी रही है। क्योंकि कांवड़ यात्रा को यूं तो विशुद्ध धार्मिक आयोजन माना जाता है। लेकिन आप गौर करेंगे तो महसूस होगा कि कांवड़ लेकर लौट रहे या हरिद्वार की ओर जा रहे शिवभक्त बम भोले के नारों के साथ-साथ भारत माता के भी जयकारे लगा रहे हैं। इन यात्राओं में भगवा झंडे के साथ-साथ तिंरगा भी उतनी ही नजर आता है। यानि कांवड़ यात्रा केवल भगवान शिव को जलाभिषेक करने के भर तक सीमित नहीं है, राष्ट्रवाद की भावना इसमें कहीं गहरे तक बैठी है। 

 इसका साक्षात उदाहरण सोमवार रात को हरिद्वार से लौटे एक कांवड़ यात्री के कंधों पर देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लाने के बजाय यह शिव भक्त अपने कंधे पर एक सैनिक की प्रतिमा लेकर चल रहा है। उसका कहना है कि यह उसकी हमारे देश के वीर जवानों और शहीदों को श्रद्धांजलि है। इसके साथ ही इस बार कांवड़ यात्रा में आधुनिकता का भी छौंक लगा। कई कांवडि़ए इस बार हार्ड-वर्क की बजाया स्मार्ट वर्क करते दिखे। जिसमें यह कांवड़ यात्री पैरों में स्कैट्स बांधकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं। उनके ऐेसे स्मार्ट वर्क से कई कांवड़ यात्री भी हैरत में दिखे। हैरत में वो लोग भी दिखे जिन्होंने मुरादनगर के सुराना में शिव मंदिर की सजावट को देखा। शिव भक्तों के लिए इस मंदिर को बहुत को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया है। जिसकी भव्यता देखते ही बनती है। 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.