unknown facts about independence day

आजादी से जुड़े रोचक किस्से जिन्हें जानना है जरुरी, नहीं जानते होंगे आप

  • Updated on 8/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  इस साल हम 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। इस दौरान पिछले 72सालों में भारत ने कितनी तरक्की की इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं होंगी। इन सभी चर्चाओं से पहले हमें उस दिन के बारे में जानने बेहद जरुरी है जब हमे अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। 15 अगस्त 1947 उस दिन कई ऐसी घटनाएं हुई थी जिनके बारे में आज तक कम ही लोग जानते है आज हम आपको उस दिन की कुछ ऐसी ही बातें बताने वाले हैं। 

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- 15 अगस्त 1947, जिस दिन हमारे भारत देश को आजादी मिली तब इस दिन के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हो सके थे, क्योंकि तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। 

- जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी को ख़त भेजा। इस ख़त में लिखा था, "15 अगस्त हमारा पहला स्वाधीनता दिवस होगा। आप राष्ट्रपिता हैं। इसमें शामिल हो अपना आशीर्वाद दें।"

-  गांधी ने इस ख़त का जवाब भिजवाया, "जब कलकत्ता में हिंदू-मुस्लिम एक दूसरे की जान ले रहे हैं, ऐसे में मैं जश्न मनाने के लिए कैसे आ सकता हूं। मैं दंगा रोकने के लिए अपनी जान दे दूंगा।"

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- 14 अगस्त की मध्यरात्रि को जवाहर लाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' दिया था। इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना था लेकिन महात्मा गांधी ने इसे नहीं सुना क्योंकि उस दिन वे जल्दी सोने चले गए थे।

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- हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था। 
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- 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ। 

-15 अगस्त के दिन की शुरुआत सुबह 8.30 बजे हुई, जब वायसरीगल लॉज (जिसे अब राष्ट्रपति भवन के नाम से जाना जाता है) में शपथग्रहण समारोह हुआ। नई सरकार ने सेंट्रल हॉल (आज जिसे दरबाल हॉल कहा जाता है) में शपथ ली।

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