Friday, Feb 28, 2020
up bjp yogi government order issued to increase registry fees in up double hit on the flat buyers

यूपी में रजिस्ट्री की फीस बढ़ाने के लिए जारी हुआ शासनादेश, फ्लैट खरीदारों पर दोहरी मार

  • Updated on 2/14/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। यूपी कैबिनेट ने रजिस्ट्री की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद वीरवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसके तहत अब कीमत के हिसाब से एक प्रतिशत फीस देनी होगी। अभी तक कितनी भी महंगी संपत्ति की रजिस्ट्री की 20 हजार रुपए अधिकतम फीस ली जाती थी। ऐसे में अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा के फ्लैट खरीदारों पर इसकी दोहरी मार पडऩे वाली है। 

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नोएडा - ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदारों पर दोहरी मार
गौरतलब है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30-40 लाख से लेकर 1 करोड़ और उससे महंगे तक फ्लैट लोगों ने खरीद रखे हैं। ऐसे में उनको संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए काफी अधिक फीस चुकानी होगी। इसके अलावा वह घर खरीदार हैं जो 10 साल से फ्लैट पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं या बिना रजिस्ट्री के अभी फ्लैट में रह रहे हैं। प्राधिकरण-बिल्डर की लापरवाही से इनको अभी तक न तो फ्लैट मिले और न ही मालिकाना हक। ऐसे में खरीदारों पर दोहरी मार पड़ेगी। विगत बुधवार को यूपी कैबिनेट ने रजिस्ट्री की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। इसके लिए वीरवार को शासनादेश जारी कर दिया गया। यानी यह नियम अब लागू कर दिया गया है। 

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संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए अधिक चुकानी होगी फीस
ऐसे खरीददार जिन्होंने वर्ष 2009-10 में बुकिंग करायी लेकिन आज तक फ्लैट पाने के लिए धक्के खा रहे हैं। इस समय बिल्डर परियोजनाओं में या तो काम बंद पड़ा है या फिर काफी धीमी गति से चल रहा है। परियोजनाओं में खरीदारों को 2013-2015 तक कब्जा मिल जाना चाहिए था। ऐसे करीब तीन लाख फ्लैट बायर्स है। नए नियम के तहत इन सभी को रजिस्ट्री के लिए कुल लागत का एक प्रतिशत फीस जमा करनी होगी। यानी खरीदारों पर पैसों का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। आम्रपाली, यूनिटेक, जेपी आदि बिल्डर की परियोजनाओं में अधिक खरीदार फंसे हुए हैं।

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इसके अलावा जिन खरीदारों को मकान मिल गए हैं उनमें से काफी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। रजिस्ट्री नहीं होने के लिए सीधे तौर पर प्राधिकरण व बिल्डर जिम्मेदार हैं। परियोजना पर बकाया जमा नहीं होने पर प्राधिकरण कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहा है। बिना इसके संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। ऐसे में खरीदार बड़े संकट में फंस गए हैं। अब उन्हें रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त वहन करना पड़ेगा। 

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इस साल एक अगस्त से नए सॢकल रेट लागू हो जाएंगे। सॢकल रेट बढ़ाने के लिए निबंधन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बता दें बीते करीब पांच साल में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सर्किल रेट भी काफी बढ़ गए हैं। शहर के सबसे महंगे ए श्रेणी के सेक्टरों का सॢकल रेट 85 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर था जो अब बढ़कर 1 लाख 3 हजार 500 रुपये हो गया है। सबसे सस्ते सेक्टर के सॢकल रेट भी 27 से बढ़कर 40 हजार हो गए हैं। फ्लैट के रेट भी बढ़ोतरी की गई है। नोएडा प्राधिकरण ने भी आवंटन रेट में बढ़ोतरी की थी।

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