Tuesday, Jun 28, 2022
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BSP ने 8 और उम्मीदवार घोषित किए, पेगासस मसले पर मायावती ने उठाए सवाल

  • Updated on 1/30/2022
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चौथे चरण के विधानसभा चुनाव के लिए अपने आठ और उम्मीदवारों की रविवार को घोषणा की और इसमें शुक्रवार को घोषित उन्नाव जिले के दो प्रत्याशियों को बदल दिया है। चौथे चरण के चुनाव में नौ जिलों की 59 सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होगा। बसपा ने रविवार को आठ और उम्मीदवारों की एक सूची मीडिया से साझा की। बसपा द्वारा जारी सूची में चौथे चरण के मतदान वाले पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई और उन्नाव जिले के कुल आठ उम्मीदवार घोषित किये गये हैं। इसके पहले शुक्रवार को बसपा ने चौथे चरण के 53 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। 

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बसपा ने रविवार की सूची में उन्नाव जिले की मोहान (अजा) सीट से सेवक लाल रावत और भगवंत नगर सीट से बृजकिशोर वर्मा को उम्मीदवार बनाया है जबकि शुक्रवार की सूची में मोहन (अजा) से विनय चौधरी और भगवंतनगर से प्रेम सिंह चंदेल को उम्मीदवार घोषित किया था। रविवार को बसपा ने दो सीटों पर उम्मीदवारों में बदलाव और छह अन्य उम्मीदवारों के नाम घोषित किए और इसके बाद चौथे चरण की सभी 59 विधानसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

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 उत्तर प्रदेश में चुनाव की शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी। दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा। उत्तर प्रदेश में 20 फरवरी को तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 59 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 61 सीटों पर, तीन मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और सात मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा। उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा क्षेत्र हैं। 

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मायावती ने पेगासस मामले में केंद्र पर साधा निशाना 
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पेगासस मामले में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और जनता के प्रति जवाबदेह एवं जिम्मेदार होकर विश्वसनीय जवाब देने के बजाय केंद्र की चुप्पी और भी नए सवाल खड़े करती है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को ट़्वीट किया, ‘‘पेगासस जासूसी कांड का भूत केंद्र सरकार एवं भाजपा की नींद लगातार उड़ाए हुए है। इस अति-गंभीर मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं, फिर भी देश और जनता के प्रति जवाबदेह एवं जिम्मेदार होकर विश्वसनीय जवाब देने के बजाय केंद्र की चुप्पी और भी नए सवाल खड़े करती है। सरकार खुलासा करें।’’  

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मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘साथ ही, पेगासस के नए तथ्यों पर पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री की ’सुपारी मीडिया’ जैसी टिप्पणी अति-अशोभनीय है, जो सरकार की संकीर्ण सोच को प्रमाणित करती है। पेगासस मामले में भारत का नाम मेक्सिको, पोलैंड, हंगरी आदि देशों के शासकों की श्रेणी में आना भी कम चिंता की बात नहीं है।’’

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उल्लेखनीय है कि अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने 2017 में इजराइल के साथ दो अरब डॉलर के रक्षा सौदे के हिस्से के रूप में पेगासस स्पाइवेयर खरीदा था, जिसके बाद शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्ष ने सरकार पर अवैध जासूसी में शामिल रहने का आरोप लगाया और इसे ‘देशद्रोह’ करार दिया है। पिछले साल कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूहों के एक संगठन ने दावा किया था कि कई भारतीय नेताओं, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कारोबारियों और पत्रकारों के खिलाफ पेगासस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया है। 

 

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