Saturday, Apr 17, 2021
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यूपी सियासी घटनाक्रम : बसपा में बगावत के बाद कांग्रेस से अनु टंडन का इस्तीफा

  • Updated on 10/29/2020

नई दिल्ली/नवोदय टाइम्स ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव और राज्यसभा चुनावों से ठीक पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। उन्नाव से कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन ने वीरवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्या से इस्तीफा दे दिया है। वहीं बागी हुए 7 विधायकों को बसपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस घटनाक्रम के पीछे समाजवादी पार्टी का हाथ माना जा रहा है।

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अपने इस्तीफे की जानकारी खुद अनु टंडन ने ट्विटर पर जारी एक बयान के जरिए दी। उन्होंने अपना त्यागपत्र भी साझा किया, जिसे उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा था। कुछ लोगों द्वारा झूठा प्रचार चलाया जा रहा था तथा केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

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उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं पर मेरी बात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी हुई, लेकिन ऐसा कोई विकल्प या रास्ता नहीं निकल पाया, जो सबके हित में हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नेतृत्व सोशल मीडिया मैनेजमेंट व व्यक्तिगत ब्रांडिंग मे इतना लीन है कि पार्टी व मतदाता के बिखर जाने का उन्हें कोई ज्ञान नहीं है। उन्नाव के बांगरमऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति काफी ठीक दिख रही है। अनु टंडन के इस्तीफे के बाद स्थिति बदल सकती है। चर्चा है कि अनु टंडन सपा के संपर्क में हैं। उनका इस्तीफा सपा की सियासी चाल का हिस्सा बताया जा रहा है।

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बसपा ने 7 विधायकों को बाहर किया
बसपा ने अपने उन सातों विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिन्होंने बागी तेवर दिखाते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। ये विधायक पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार रामजी गौतम का प्रस्तावक थे, लेकिन बुधवार को पीठासीन अधिकारी को दिए हलफनामा में कहा कि समर्थन प्रस्ताव पर उनके दस्तखत फर्जी हैं। हालांकि जांच-पड़ताल के बाद रामजी गौतम का पर्चा वैध करार दे दिया गया। पार्टी प्रमुख मायावती ने वीरवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इन विधायकों के रवैये पर सख्ती दिखाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया।

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निलंबित किए गए विधायकों में असलम राइनी (भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली (ढोलना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बंद (हंडिया-प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), सुषमा पटेल (मुंगरा-बादशाहपुर) और वंदना सिंह (सगड़ी-आजमगढ़) हैं। राज्यसभा चुनाव में दसवीं सीट के लिए बसपा दावेदार है। इन सात विधायकों की बर्खास्तगी के बाद भी यह सीट बसपा को जानी तय मानी जा रही है क्योंकि नेपथ्य में रह कर भाजपा समर्थन दे रही है।

 

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