Friday, Dec 03, 2021
-->
uproar in Bihar assembly police entered the house speaker siege against bill prshnt

बिहार: विधानसभा से सड़क तक हंगामा, सदन में घुसी पुलिस, विधेयक के खिलाफ स्पीकर का घेराव

  • Updated on 3/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट की गिरफ्तारी की शक्ति देने वाला एक विधेयक नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद मंगलवार को सदन में अभूतपूर्व स्थित देखने को मिली। स्पीकर के कक्ष का घेराव करने वाले विपक्ष के विधायकों को हटाने के लिए सदन में पुलिस बुलानी पड़ गई। विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और वाम दल के महागठबंधन के सदस्य बिहार (Bihar) विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021 का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर विधानसभा में हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिन में पांच बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस ‘काला कानून’ और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर किये गये मार्च का नेतृत्व किया। इसका संकेत उन्होंने सुबह ही दे दिया था।

पेट्रोल, डीजल को GST में लाने पर विचार को तैयार: सीतारमण

तेजस्वी ने किया ट्वीट
तेजस्वी ने ट्वीट किया, ‘आज राम मनोहर लोहिया की जयंती है, जिन्होंने कहा था कि अगर सड़कें खामोश हो जाएँ, तो संसद आवारा हो जाती है।’ उन्होंने क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की याद में उर्दू की कुछ पंक्तियां भी ट््वीट कीं। अनधिकृत जुलूस निकालने और डाक बंगला चौराहे पर पथराव करने में संलिप्त रहने को लेकर पुलिस तेजस्वी और राजद के अन्य नेताओं को कोतवाली थाना ले गये थी। वहां से रिहा होने के बाद तेजस्वी वापस विधानसभा में आए। इससे पहले, सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित की जा चुकी थी। 

देशमुख के खिलाफ CBI जांच की परमबीर की याचिका पर सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट 

महागठबंधन के सदस्यों ने इसे चारों ओर से घेरा
मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा चर्चा के लिए विधेयक को पेश किये जाते ही विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के करीब चले गये, जहां मार्शल पहुंच गये ताकि सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ उनकी हाथापाई होने से रोका जा सके। इसपर, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही शाम साढे चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी और अपने कक्ष के अंदर चले गये, जबकि महागठबंधन के सदस्यों ने इसे चारों ओर से घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। स्थिति से निपटने में मार्शल को समस्या होने सूचना पर पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा भी विधानसभा परिसर में पहुंच गए। 

अनिल देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

फर्श पर गिर पड़े विधायक
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार ने सदन के पीठासीन अधिकारी के तौर पर कार्यवाही बहाल की, लेकिन पूरे सदन में शोरगुल होता रहा। मंत्री के तौर पर विधानसभा में मौजूद एमएलसी अशोक चौधरी उस वक्त गुस्से में नजर आए, जब विपक्षी सदस्यों ने प्रेम कुमार से कागज छीनने की कोशिश की। राजद के एक विधायक इस दौरान चौधरी के साथ धक्कामुक्की होने पर फर्श पर गिर पड़े। इससे गुस्साए विपक्षी सदस्यों ने वहां रखी मेज तोड़ दी।

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

 

 

comments

.
.
.
.
.