Wednesday, Mar 20, 2019

सिर्फ कॉमन टॉयलेट ही नहीं पैंटी भी हो सकती है UTI इंफेक्शन की जिम्मेदार

  • Updated on 2/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। यूटीआई यानि यूरिनरी टरैक इंफेक्शन एक ऐसी समस्या बनी हुई है जिसने महिलाओं जिंदगी को अस्त व्यस्त किया हुआ है। ये बीमारी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। कई बार ये इंफेक्शन एक बार होने के बाद बार बार होता है, जिससे वेजाइनल इंफेक्शन भी हो जाता है।

जो यूट्रस तक पहुंच कर गंभीर खतरा बन सकता है। आइये आज इससे बचने, इसका उपाय और इसकी वजह जानते हैं...

यूटीआई के लक्षण

  • बार बार यूरीन आना और यूरिनेशन में जलन होना
  • यूरीन पीला, गाढ़ा, बदबूदार और बूंद बूंद आना
  • लोअर एब्डमन में दर्द होना
  • इंफेक्शन बढ़ने पर यूरीन में ब्लड आना
  • फीवर आना और पैरों में दर्द महसूस होना

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यूटीआई होने की वजह

  • बार बार पब्लिक टॉयलेट यूज करना
  • कमोड स्टाइल टॉयलेट
  • अनसेफ सेक्स
  • सेक्स के बाद यूरिन न करना या उसे साफ न करना
  • वेजाइनल डिस्चार्ज होने पर पूरे दिन एक ही पैंटी पहनना

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यूटीआई से बचाव

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
  • सफाई का पूरा ख्याल रखें
  • पब्लिक टॉयलेट यूज करने से बचें
  • पैंटी गीली होने पर उसे तुरंत बदलें
  • वेजाइनल डिस्चार्ज होने पर गीलापन न होने दें, दिन में बार बार पैंटी बदलें
  • वेजाइनल डिस्चार्ज के लिए लाइनर यूज करती हैं तो उसे भी जल्दी जल्दी बदलें
  • पीरियड्स में कम से कम तीन बार पैड चेंड करें
  • सेक्स के बाद यूरीन पास जरूर करें
  • सेक्स करेन से पहले और बाद में वेजाइनल एरिया को अच्छे से साफ जरूर करें
  • वेजाइनल एरिया सूखा रहे इस बात का ध्यान रहे

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यूटीआई का इलाज

यूटीआई का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक्स और एंटीवायरल के साथ किया जाता है। प्रावइेट पार्ट में यूटीआई को ओरल एंटीबायोटिक्स के जरिए ठीक किया जा सकता है जबकि शरीर के बाहरी हिस्‍से पर यूटीआई को इंट्रावीनस एंटीबायोटिक्स के साथ ठीक किया जाता है। इंट्रावीनस एंटीबायोटिक दवाओं को रोगी की नसों में डाला जाता है। 

साथ ही डाइट में कुछ बदलाव कर इससे जल्दी आराम मिल सकता है। विटामिन-सी युक्त डाइट से इंफेक्शन में जल्दी आराम मिलता है। क्रैनबैरी फल, अनन्नास, सेब का सिरका, नींबू और लहसुन इसे सही करने में मदगार साबित होते हैं।

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