Sunday, Sep 19, 2021
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वैक्सीन के कच्चे माल से बैन हटाने पर विचार करेगा अमेरिका, पूनावाला ने की थी अपील

  • Updated on 4/20/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। व्हाइट हाउस ने कोविड-19 टीकों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्चे माल से निर्यात प्रतिबंध हटाने के ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के अनुरोध संबंधी सवाल का जवाब देते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। सोमवार को व्हाइट हाउस में सुबह कोविड- 19 संबंधी जानकारी दिए जाने के दौरान और बाद में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी से दैनिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान सोमवार को इस संबंध में दो बार सवाल किया गया।

एक पत्रकार ने सुबह आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ‘व्हाइट हाउस कोविड-19 रिस्पॉन्स टीम’ से सवाल किया, ‘‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ कह रहा है कि उसे कोविड-19 टीके बनाने के लिए जिस कच्चे माल की आवश्यकता है, बाइडन प्रशासन उनका निर्यात बाधित कर रहा है और सीरम इंस्टीट्यूट ने (अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से यह प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है। तो, मेरा सवाल यह है कि भारत किस कच्चे माल की बात कर रहा है और क्या सीरम की चिंताओं को दूर करने के लिए आपके पास कोई योजना है?

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‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एवं इन्फेक्शियस डिसीजेस’ के निदेशक डॉ एंथनी फाउची और ‘व्हाइट हाउस कोविड-19 रिस्पॉन्स टीम’ में वरिष्ठ सलाहकिार डॉ. एंडी स्लाविट ने कहा कि हम वैक्सीन को लेकर भारत की जरूरतों को समझते हैं और समय आने पर इसपर पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार विचार किया जाएगा। फाउची ने कहा, ‘मुझे नहीं पता। मुझे माफ कीजिए। हम आपसे इस पर बाद में जरूर बात करेंगे, लेकिन मेरे पास अभी आपको बताने के लिए कुछ नहीं है।’

स्लाविट ने कहा, ‘हम आपसे इस पर बात करेंगे। यह बताना काफी है कि हम वैश्विक महामारी के वैश्विक खतरे को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम ‘कोवैक्स’ को आर्थिक मदद देने में अग्रणी रहे हैं, हमने टीकों के कई द्विपक्षीय हस्तांतरण किए हैं और हम इन सभी जटिल मामलों को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम इस बारे में आपसे बाद में बात करेंगे।’ दैनिक संवाददाता सम्मेलन में भी यही सवाल किया गया।

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एक संवाददाता ने साकी से सवाल किया, ‘भारत टीके बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल की भारी कमी से जूझ रहा है और वहां के अधिकारी अमेरिका से उस कच्चे माल के निर्यात से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं। भारत में मेरे सहयोगियों ने आज बताया कि बाइडन प्रशासन ने हाल में भारत को बताया है कि उसके अनुरोध पर विचार किया जा रहा है और उस पर ‘जल्द से जल्द’ कार्रवाई की जाएगी। क्या आप इस संबंध में कोई जानकारी दे सकती हैं?’

इसके जवाब में साकी ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के हालिया भाषण का जिक्र किया। साकी ने कहा, ‘हम विकसित एवं विकासशील देशों के बीच टीकों की पहुंच को लेकर जो असमानताएं देख रहे हैं, वे पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। असाधारण समय में असाधारण नेतृत्व, संवाद और कलात्मकता की आवश्यकता होती है।’

उन्होंने कहा, ‘हम कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में डब्ल्यूटीओ सदस्यों के साथ निश्चित ही काम कर रहे हैं। भले ही कोवैक्स के लिए चार अरब डॉलर की प्रतिबद्धता की बात हो या जरूरतमंद देशों की सहायता करने की बात हो, हम कई मामलों पर काम कर रहे हैं।’ साकी ने कहा, ‘हमारा ध्यान महामारी को नियंत्रित करने के सबसे प्रभावी कदमों को पहचानने पर है। हमारे पास अगले कदम या समय सीमा के बारे में बताने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन हम विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।’

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