Sunday, Jan 23, 2022
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ अगले हफ्ते आएंगे भारत, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

  • Updated on 10/21/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका (America) के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (Mike Pompeo) भारत (India) दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में मौजूद चुनौतियों और उनसे निपटने के समाधान पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका के रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने ये सूचना दी है।

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अटलांटिक काउंसिल में मार्क एस्पर ने दी जानकारी
रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने अटलांटिक काउंसिल के दौरान कहा, 'भारत इंडो-पैसिफिक रीजन में हमारे लिये इस सदी का सबसे महत्वपूर्ण पार्टनर होगा।'  एस्पर ने कहा कि उनकी भारत यात्रा पुराने एलायंस को मजबूत करने, रूसी और चीनी के ग्लोबल पावर नेटवर्क बनाने के प्रयासों के अगेंस्ट नए डवलपमेंट के अमेरिकी इनोशिएटिव का हिस्सा है। 

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चीन की हरकतों को सभी देश देख रहे हैं
एस्पर ने कहा कि भारत जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है यहां बहुत योग्य लोग हैं और वे प्रत्येक दिन हिमालय पर चीन की आक्रामकता का सामना करते हैं, उन्होंने जोर देते हुए कहा, खासकर वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में लोगों को इस आक्रामकता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र के कई देशों से बात की है, चीन की हरकतों को सभी देश देख रहे हैं।

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पड़ोसियों पर कूटनतिक दबाव बना रहा है चीन
एस्पर ने कहा कि चीन अपने पड़ोसी सहित कई अन्य देशों पर राजनीति और कूटनतिक दबाव बना रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का सामना करना है जिनसे सबको फायदा होता है। बता दें कि ये बैठक अगले हफ्ते दिल्ली में होने जा रही है। एस्पर का कहना है कि भारत के साथ कई मुद्दों पर चर्चा चल रही है समय आने पर इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

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इंडो-पैसिफिक का भारत भी है हिस्सा
बता दें कि भारत भी इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इसके अलावा भारत भी पूर्वी एशियाई देशों के साथ व्यापार, आर्थिक विकास तथा समुद्री सुरक्षा में भागीदारी चाहता हैं, ऐसा करने से भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे चीन को कठिन प्रतिस्पर्द्धा पेश कर सकता है। भारत को इंडो-पैसिफिक रीजन में मजबूती प्रदान करने में अमेरिका एक अहम भूमिका निभा सकता है।

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