महिला सुरक्षा की बजाए यहां हो रहा निर्भया कोष का इस्तेमाल, हुआ विरोध

  • Updated on 2/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। संसद की एक समिति ने निर्भया कोष का इस्तेमाल भवनों के निर्माण में किए जाने पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा है कि इस तरह के आवंटन महिलाओं की सुरक्षा के (कोष के) उद्देश्य को नाकाम करते हैं।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने कहा है, समिति का यह दृढ़ विचार है कि भवनों के निर्माण के लिए धन अन्य स्रोतों से आना चाहिए और यह निर्भया कोष से नहीं लिया जाए। समिति ने राज्यसभा में सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निर्भया कोष का इस्तेमाल भवनों के निर्माण में नहीं किया जाना चाहिए।

खुशखबरी! UPSC के इंटरव्यू में पास नहीं होने वाले अभ्यार्थियों को भी मिलेगी सरकारी नौकरी

इस तरह के आवंटन इसके उद्देश्य को नाकाम करते हैं। समिति ने कहा कि यह इस बात की पुरजोर सिफारिश करती है कि गृह मंत्रालय को निर्भया कोष से भवनों के निर्माण जैसी योजनाओं के लिए कोष आवंटन से बचना चाहिए और इसके मूल उद्देश्यों पर ही बने रहना चाहिए।

गौरतलब है कि निर्भया कोष तत्कालीन कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने 2013 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाना है। दिल्ली में वर्ष 2012 में एक लड़की से हुए सामूहिक बलात्कार के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन होने और जनाक्रोश छाने के बाद इस कोष की स्थापना की गई थी।

पूर्व कांग्रेस नेता एसएम कृष्णा ने किया खुलासा, 'राहुल गांधी की वजह से छोड़ा कांग्रेस का दामन'

रिपोर्ट में समिति ने सिफारिश की है कि मंत्रालय को महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने वाली नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी संचालित परियोजनाओं की पहचान के लिए गंभीर कोशिशें करनी चाहिए और उनके क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त कोष की व्यवस्था की जाए।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.