Tuesday, Sep 28, 2021
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उत्तराखंड आपदा : धौलीगंगा में पानी बढ़ने से बचाव कार्य मे अस्थाई बाधा

  • Updated on 2/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तराखंड के धौलीगंगा नदी में बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ जाने के बाद पिछले चार दिनों से तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में फंसे 25-35 लोगों को बचाने के लिए चलाए जा रहे मैराथन अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा जबकि एक और शव मिलने के साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्र से अब तक 35 शव बरामद हो चुके हैं और 169 अन्य लापता हैं। राज्य के चमोली जिले में रविवार को आई आपदा के बाद से लगातार सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चला रही सेना, आइटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम के बचाव र्किमयों को दोपहर बाद धौलीगंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण सुरंग से बाहर निकालना पड़ा। 

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पानी बढने के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गयी और बचावकर्मी लोगों को दूर हटने का इशारा करते नजर आए। धौलीगंगा के जलस्तर में वृद्धि की सूचना आते ही संयुक्त बचाव अभियान के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा संवाददाता सम्मेलन भी बीच में ही रोकना पडा। सुरंग के अंदर कार्य कर रहे बचावर्किमयों और बुलडोजर तथा जेसीबी जैसी ड्रिङ्क्षलग में लगी भारी मशीनों को बाहर निकालना पड़ा और तत्काल ही क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया जिससे लोग सुरक्षित स्थानों पर भाग सकें। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने कहा कि एहतियात के तौर पर बचाव कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। 

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इससे पहले, बचाव अभियान में लगे अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और उनकी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना है। सुरंग के अंदर चार दिन से अधिक समय से फंसे लोगों की सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर एक अधिकारी ने कहा कि वह इस संबंध में कोई अनुमान नहीं लगा सकते लेकिन कहा कि हम सब प्रार्थना करते हैं कि वे सब सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है और लोगों को बचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे प्रयास निर्बाध रूप से जारी रहेंगे।  

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इस बीच, चमोली की जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि बृहस्पतिवार को चमोली के गौचर क्षेत्र से एक और शव बरामद हो गया जिसके साथ ही आपदा में अब तक मिलने वाले शवों की संख्या 35 हो गई जबकि 169 अन्य लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि इन लापता लोगों में वे 25-35 लोग भी शामिल हैं जो तपोवन सुरंग में फंसे हुए हैं। उधर स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंची प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को तपोवन सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों के आक्रोश का सामना करना पडा। 

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सुरंग में फंसे अपने सगे संबंधियों के बाहर आने का पिछले चार दिनों से इंतजार कर रहे लोग राज्यपाल के सामने रो पड़े और बचाव अभियान को तेज करवाने के लिए उनसे दखल देने का आग्रह किया। राज्यपाल बेबी रानी ने उन्हें तसल्ली रखने को कहा और बताया कि आपदा से बाद से ही सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है । उन्होंने कहा, ‘विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है । इसके लिए कोई कसर नहीं छोडी जा रही है । आप लोगों को भी तसल्ली रखनी पडेगी ।’ 

 

 

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