uttarakhand government reduced the target of industrial investment

उत्तराखंड सरकार ने घटाया औद्योगिक निवेश का लक्ष्य

  • Updated on 8/30/2019

देहरादून/ ब्यूरो: अक्टूबर 2018 में आयोजित जिस इन्वेस्टर्स समिट को सरकार ने अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी आयोजन और आर्थिक तरक्की के लिहाज से अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला बताया था उसकी असलियत धीरे-धीरे सामने आ रही है। अब सरकार भी मानने लगी है जितने एमओयू हुए,उसका एक तिहाई भी धरातल भी उतर जाए तो बहुत है। संभवत: यही कारण है कि अंदरखाने निवेश के लक्ष्य को घटाकर चासील हजार करोड़ कर दिया गया है।

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त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने का प्रयास हुआ। इस क्रम में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ। इसके आयोजन से पहले राज्य सरकार ने पर्यटन और ऊर्जा नीति समेत कई नीतियां बनाई और कई प्रकार के नियमों में शिथिलता दी। इन सभी कवायदों का एक ही मकसद था कि किसी तरह निवेशक उत्तराखंड का रुख करें। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से समिट का उद्घाटन कराया गया।

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प्रधानमंत्री के समिट में पहुंचने का लाभ हुआ और 1.24 लाख करोड़ के निवेश के एमओयू साइन हुए। परंतु एमओयू साइन होने के बावजूद अधिकांश निवेश जमीन पर नहीं उतरे। अब तक सिर्फ 17 हजार करोड़ के उद्योग प्रदेश में लगे हैं। अब पूंजीपति कई तरह की बहानेबाजी कर रहे हैं। यही कारण है कि सरकार ने निवेश का लक्ष्य घटा दिया है। खुद मुख्यमंत्री ने बेंगलुरू में इसका खुलासा करते हुए कहा कि 19 वर्ष के उत्तराखंड में अब तक 57 हजार करोड़ का औद्योगिक निवेश हुआ है।

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इसमें चासील हजार करोड़ का निवेश पिछली सरकारों के कार्यकाल में और 17 हजार करोड़ का निवेश पिछले दस माह यानी इन्वेस्टर्स समिट के बाद हुआ है। वहां मीडिया को दिये बयान में सीएम ने कहा कि मौजूदा टे्न्योर में चालीस हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। यानी लैंड यूज समेत तमाम नीतियों को बदलने का कोई फायदा नहीं हुआ।

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छह सौ निवेश के हुए थे एमओयू

उत्तराखण्ड में अक्टूबर, 2018 में प्रथम इन्वेस्टर्स समिट ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ का आयोजन किया गया था। सम्मेलन के दौरान 600 से अधिक निवेशकों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए 1,24,000 करोड़  से अधिक के प्रस्तावों के एमओयू किये गये। एमओयू करने वाले निवेशकों को फालो करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित है।

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