Wednesday, Aug 04, 2021
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उत्तराखंड: तीन साल से जेल में बंद अजीत पाल को हाईकोर्ट ने दी बेल, कहा- बस गरीबी है उसका जुर्म

  • Updated on 9/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तराखंड हाई कोर्ट (High Court Of Uttarakhand) ने मंगलवार को एक अहम टिप्पणी किया है। एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता की जमानत से संबंधित याचिका को लेकर अहम टिप्पणी की है और कहा कि, याचिकाकर्ता इसलिए जेल में है क्योंकि वह गरीब है। उसकी स्वतंत्रता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसके बाद न्यायालय ने उसकी जमानत राशि को घटा दिया है।

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अजीतपाल और उत्तराखंड सरकार के बीच का मामला
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के रहने वाले अजीतपाल और उत्तराखंड सरकार के बीच का है। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान उत्तराखंड सरकार की ओर से कहा गया कि अजीत पाल को चरस के साथ पकड़ा गया है, जिसे वह बेचने ले जा रहा था। राज्य सरकार ने कहा कि अगर उसे जमानत पर छोड़ा गया तो वह कभी पेस नहीं होगा।

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अजीत पाल की ओर से दायर याचिका पर हुई सुनवाई
दरअसल कोर्ट में यह सुनवाई अजीत पाल की ओर से जमानत राशि को कम करने की मांग करने वाली याचिका पर हो रही थी। अजीत पाल की ओर से कहा गया था कि वह जमानत राशि भरने में असमर्थ है। इसी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इसलिए जेल में है क्योंकि वह गरीब है।

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अजीत पाल पर एनडीपीएस एक्ट के तहत है मामला 
याचिकाकर्ता इस जमानत राशि का वहन ही नहीं कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह नहीं हो सकता है और यह कोर्ट इसे होने की मंजूरी नहीं दे सकती है। बता दें कि यह सुनवाई जस्टिस रविंद्र मैथानी की पीठ कर रही थी। अजीत पाल 2018 में न्यायिक हिरासत में था, उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत देहरादून के प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया था।

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