uttarakhnad police seeks help from neighboring states

कांवड़ यात्रा: उत्तराखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों से मांगा सहयोग

  • Updated on 7/8/2019

देहरादून/ब्यूरो। कांवड़ यात्रा के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उत्तराखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों से सहयोग मांगा है। उत्तराखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों से अपील की है कि बड़े वाहनों पर कांवड़ ले जाने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित किया जाए। जुगाड़ वाहनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करें।

हरिद्वार कांवड़ मेले में अधिकतर यात्री हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और यूपी से आते हैं।  हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी यूपी में डाक कांवड़ का चलन तेजी से बढ़ा है। यही डाक कांवड़ पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बनती है। डाक कांवड़ के वाहनों की भीड़ के चलते हरिद्वार में लंबा जाम लग जाता है। हरिद्वार पुलिस लाख कोशिशों के बाद भी डाक कांवड़ के वाहनों पर अंकुश नहीं लगा पाती है।

इस बार पुलिस ने इसके लिए पड़ोसी राज्यों से सहयोग मांगा है। उत्तराखंड पुलिस की ओर से पड़ोसी राज्यों की पुलिस से अपेक्षा की गई है कि जब डाक कांवड़ के वाहन हरिद्वार की ओर प्रस्थान करें, तो रास्ते में वाहनों के परमिट आदि की जांच की जाए। डाक कांवड़िए 12, 16, 20 घंटे आदि का कम समय तय कर तेज गति से चलते हैं। इस प्रथा को हतोत्साहित किया जाए। इसके लिए कांवड़ संघों के प्रतिनिधियों से बात की जाए।

यूपी के नोएडा, मुरादाबाद और हरियाणा की जगाधरी, यमुनानगर जिलों की पुलिस से कहा गया है कि नुकीले भाले और अन्य हथियार लाने पर पाबंदी लगाई जाए। सभी राज्यों से आतंकवादी और उग्रवादी गतिविधियों की सूचना का आदान-प्रदान करने की अपेक्षा भी की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सात फुट से ऊंची कांवड़ न बनाने और ट्रेन-बसों की छतों पर यात्रा नहीं करने की सलाह भी दी है।

 
 
 
 
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