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टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे की नहीं होगी जांच, केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा, कोई कमी है तो उसे निर

  • Updated on 8/13/2019

देहरादून/ ब्यूरो: केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने साफ किया है कि पिथौरागढ़-टनकपुर नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य शुरू कराने से पहले और निर्माण के दौरान जांच की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य में कोई कमी रह गई है तो इसे सही करने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की है। नियम और शर्तों के अनुसार चार साल तक संबंधित कम्पनी हाईवे का रखरखाव करेगी।

दरअसल, स्थानीय भाजपा सांसद अजय टम्टा ने लोकसभा में पिथौरागढ़-टनकपुर नेशनल हाईवे संख्या नौ की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किये थे। उन्होंने कहा था कि थोड़ी सी बारिश होने पर पहाड़ से मलबे गिरने लगते हैं। इससे जहां सड़क पर जाम लगता है वही जान- माल के नुकसान की संभावना भी बनी रहती है। सांसद टम्टा ने सवाल किया था कि क्या विभागीय मंत्री इस हाईवे की गुणवत्ता की जांच आईआईटी रुड़की से कराएंगे।

इसके जबाव में नितिन गडकरी ने स्वीकार किया है कि हाईवे संख्या नौ पर पहाड़ों से मलबे गिर रहे हैं और जाम भी लग रहा है। उन्होंने कहा है कि इस मलबे को प्राथमिकता के आधार पर हटाया भी जा रहा है। परंतु निर्माण कार्यों की प्रक्रिया का हवाला देते हुए गडकरी ने साफ कर दिया है कि निर्माण एजेंसी को चार साल तक मार्ग के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि कोई कमी है तो संबंधित कम्पनी उसे दूर करेगी। पहाड़ों से मलबा गिरने के आधार पर सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने से उन्होंने इनकार किया है।

सभी प्रक्रियाओं का हुआ है पालन
केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री का कहना है कि टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे का निर्माण ईपीसी मोड में राज्य लोकनिर्माण विभाग द्वारा कराया गया है। इपीसी कान्ट्रैक्टर यानी लोनिवि द्वारा रोड का डिजायन चेक करने के लिए डिजायन कन्सलटैंट, डिजाइन की प्रूफ चेकिंग करने के लिए प्रूफ कन्सलटैंट और डिजाइन तैयार होने के स्तर पर ही सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच करने के लिए सैफ्टी कन्सलटैंट नियुक्त किया गया था । इन सभी स्तरों की जांच के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों की एक टीम बनाई गई जिसने निर्माण कार्य को दिन प्रति दिन के हिसाब से जांच किया। इस टीम के जिम्मे यह देखना भी था कि कांट्रैक्ट की शर्तों के अनुसार सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल किया गया या नहीं

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