Thursday, Apr 02, 2020
Uttrakhand Trivendra singh rawat Ration

न राशन की कमी होगी न उपचार की, सरकार का दावाए कोरोना से लड़ने को हमारी तैयारी मुकम्मल

  • Updated on 3/24/2020

देहरादून/ ब्यूरो: :राज्य सरकार ने साफ किया है कि कोरना के खिलाफ जंग में न तो खाद्यान्न की कमी होने देंगे और न हीं दवाई या उपचार की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी प्रदेश को भरोसा दिलाया है कि जनता को सुरक्षित करने के लिए जो भी करना पड़ेगा वह करेंगे। इसके लिए मीडिया से भी सहयोग की अपील की गई है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आगे और भी सख्त कदम उठाये जा सकते हैं।

कोरोना के विस्तार को रोकने के लिए सरकार फिलवक्त काफी संवेदनशील और गंभीर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लगभग डेढ़ घंटे तक इसी मुद्दे पर विचार हुआ। बैठक में चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत आम जनता की दुख व तकलीफ को दूर करने की भी रणनीति बनाई गई।

लॉकडाउन से पैदा हुए हालात और इससे हो रही परेशानियों का भी आंकलन किया गया। भारत सरकार के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार इस बात की भी तैयारी कर रही है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो उसका मुकाबला किस प्रकार किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों को इसी कारण से पहले ही आरक्षित कर दिया गया है।

टेंडर के फेर में नहीं पड़ेगी सरकार

हालात से निपटने के लिए सरकार को काफी संख्या में वेंटीलेटर खरीदना पड़ सकता है। इसके लिए फैसला लिया गया है कि बगैर टेंडर यह खरीदारी की जाएगी। क्योंकि टेंडर प्रक्रिया में समय लगता है। सरकार की योजना के अनुसार भारत सरकार की किसी पीएसयू से आवश्यकता के अनुसार वेंटीलेटर खरीदा जाएगा। कैबिनेट भी विभाग को इसकी छूट दे दी है।

खाते में डाले जा रहे रुपये

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि बीमारी से लड़ने के उपायों के अतिरिक्त लॉकडाऊन के दौरान रोजी रोटी गंवाने वाले लोगों का भी ध्यान रखे जाने का फैसला लिया गया है। इसी के तहत पंजीकृत मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये डाले जा रहे हैं। मंगलवार तक तीस हजार खातों में पैसे डाल दिये गये थे।

सरकारी राशन विक्रेताओं को तीन माह का राशन एकमुश्त देने को कहा गया है। बगैर पंजीकृत मजदूरों या गरीबों की मदद के लिए सभी जिले के डीएम को इमरजेंसी फंड उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह निजी संस्थानों में नौकरी करने वालों के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ऐसे नियोक्ताओं से कहेगी कि वह अपने कार्यकर्त्ता का वेतन नहीं काटें। यदि जरूरत हुई तो सरकार बाद में इसका एडजस्टमेंट भी कर सकती है।

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