Wednesday, Jun 26, 2019

चक्रवात ने रास्ता बदला, गुजरात तट को छू कर निकलेगा ‘वायु’

  • Updated on 6/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चक्रवात 'वायु' को लेकर राहत वाली खबर आ रही है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, ‘इसके (चक्रवात वायु के) तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।’

मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने बताया कि चक्रवात समुद्र में रहेगा और गुजरात तट के किनारे- किनारे गुजरेगा। प्रधान ने कहा, ‘इसने थोड़ा सा पश्चिम की तरफ रुख कर लिया है। यह गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा।’

चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे के बुलेटिन में कहा, ‘काफी संभावना है कि यह कुछ समय तक उत्तर,  उत्तर- पश्चिमी दिशा की तरफ चलेगा और फिर उत्तर पश्चिमी दिशा में सौराष्ट्र तट के किनारे से गुजरेगा जिससे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका प्रभावित होंगे। इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 13 जून को दोपहर बाद 160 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं में तब्दील हो सकती हैं।’

इसके पहले, वायू के खतरे को देखते हुए राहत और बचाव बुधवार से ही जारी है, इसके तहत गुजरात के तटीय इलाके से करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

खबरों की मानें तो गुजरात के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चक्रवात वायु से प्रभावित स्थानों से अब तक करीब 1,64,090 लोगों को निकाला जा चुका है। राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव के इस अभियान को शुरू कर दिया गया है।

इसके साथ ही चक्रवात ‘वायु से निपटने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस आपदा से निपटने के लिए बुधवार को एक बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी सरकारी अवसरों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। चक्रवात वायु के चलते राहत बचाव में जुटी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी स्थानों और तटीय इलाकों को खाली करवा दिया हैं।

इसके अलावा गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने गुजरात में सभी पर्यटकों से सुरक्षित जगहों पर जानें कि गुहार कि हैं। वहीं, गुजरात सरकार ने लोगों कि सुरक्षा को मद्देनजर रखतें हुए सभी मच्छवारों को समुद्र से मछली पकड़ने पर भी रोक लगा दिया है, साथ ही बंदरगाहों के लिए भी चेतावनी जारी किया गया है। हालांकि, चक्रवात से निपटने के लिए वलसाड, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मांगरोल, पोरबंदर, कच्छ और अमरेली जिलों के तटीय स्थानों के लिए विशेष रूप से तैयारियां कि गई हैं। 

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