Friday, Apr 23, 2021
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किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे सपना चौधरी के पति वीर साहू, लोगों से की ये अपील

  • Updated on 1/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में किसानों का आंदोलन आज 52वें दिन भी लगातार जारी है। नए कानूनों के मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच अब तक 9वें दौर की वर्ता हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में अब किसानों के समर्थन में हरियाणवी एक्ट्रेस सपना चौधरी (Sapna Chaudhary) के पति वीर साहू (Veer Sahu) उतर आए हैं। 

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लोगों से की किसान आंदोलन में शामिल होने की अपील
वीर साहू ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, किसान आंदोलन में वह घड़ी आ गई है, जब घर से निकलकर अपने किसान भाईयों के साथ मैदान में आने का सबसे जरूरी मौका आन पड़ा है। साथियों, आप सभी ने अलग अलग तरीके से किसान आंदोलन में अपना सहयोग किया है लेकिन अब 26 जनवरी के लिए घर से निकलकर शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली कूच में शामिल होना आप और हम सब की जिम्मेदारी है इसलिए सभी साथी दिल्ली कूच की तैयारी करें और किसान और मजदूर हितों के लिए एक होकर आगे बढ़ें। बता दें कि सपना चौधरी पहले से किसानों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर चुकी हैं।

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असली संक्रांति तो किसानों की जीत के बाद ही मनेगी- साहू
बता दें कि किसानों के समर्थन में वीर साहू की यह पहले फेसबुक पोस्ट नहीं है इससे पहले वीर ने मकर संक्रांती के मौके पर पोस्ट कर लिखा, असली संक्रांति तो किसानों की जीत के बाद ही मनेगी। हरियाणा में किसानों के समर्थन में इससे पहले कई दिग्गज हस्तियां अपनी आवाज बुलंद कर चुकी हैं।

औपचारिकता भर रही किसान और सरकार के बीच वार्ता, नतीजा सिफर

वहीं दूसरी ओर कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए सरकार और आंदोलनरत किसानों की नौवें दौर की वार्ता औपचारिक ही साबित हुई। न किसानों ने अपना इरादा बदला और न ही सरकार नरम पड़ी। बातचीत का नतीजा सिफर (शून्य) रहा। हालांकि वार्ता में किसानों ने आवश्यक वस्तु अधिनियम में किए गए संशोधनों को रद्द करने पर जोर दिया, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कुछ जवाब नहीं मिला। दोनों पक्ष अब अगले दौर की वार्ता के लिए 19 जनवरी को एक बार फिर  आमने-सामने बैठेंगे।

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तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ शुक्रवार को विज्ञान भवन में हुई नौवें दौर की वार्ता में प्रदर्शनकारी किसान तीनों नए विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े रहे जबकि सरकार ने किसान नेताओं से उनके रुख में लचीलापन दिखाने की अपील की एवं कानून में जरूरी संशोधन के संबंध अपनी इच्छा जताई। बैठक के बाद किसान नेता शिव कुमार शर्मा (कक्का जी) ने बताया कि वार्ता तीनों कानूनों को रद्द करने पर ही सीमित रही। लेकिन चर्चा आवश्यक वस्तु अधिनियम में किए गए संशोधन पर हुई।

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उन्होंने कहा कि हमारी दलील थी कि यह संशोधन किसान हित में नहीं, केवल उद्योगपतियों औरकारोबारियों को ध्यान में रख कर किया गया। किसानों ने पूरे कानून की बजाए उसमें किए गए संशोधन को रद्द कर पुराने कानून को बहाल करने पर जोर दिया। लेकिन सरकार की ओर से इस पर कुछ जवाब नहीं मिला। वहीं सूत्रों का कहना है कि वार्ता के दौरान कुछ ऐसे पल भी आए, जब किसानों ने काफी तल्खी से अपनी बात कही। ऐसे में अब अगले दौर की वार्ता 19 जनवरी को होनी है।

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