Saturday, Mar 23, 2019

गांव हो तो ऐसा!

  • Updated on 2/27/2019

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक ऐसा गांव है जो ग्राम स्वराज का बेहतरीन उदाहरण है। इस माडर्न गांव में वे सारी सुविधाएं हैं जो एक विकसित शहर में होती हैं। यहां के ग्रामीणों ने मिलकर एक ऐसे गांव का निर्माण किया जो देश के अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्वरूप हो सकता है। 

जिला नरसिंहपुर के करेली मंडल का गांव है बधुवार। गांव को देख कर आपको ऐसा लगेगा कि आप किसी गांव में नहीं बल्कि किसी पार्क में हैं। चारों ओर हरियाली है, चमचमाती सीमैंट की सड़कें, हर घर में गोबर गैस, 100 फीसदी हार्वैसिं्टग, मिनी इनडोर स्टेडियम और स्विमिंग पूल विकास की गाथा खुद-ब-खुद बयां करते हैं। गांव का हर बच्चा स्कूल जाता है। 

गांव में जाने के लिए पहले सड़क नहीं थी। गांव के लोगों ने मिलकर तीन कि.मी. की सड़क बनवाई, बाद में सरकार की मदद से सीमैंटिड सड़क बनी। गांव की धमनी नदी के पास तालाब बनाया गया है। गांव में बने सभी घरों की दीवारों पर सामान्य ज्ञान और इतिहास का उल्लेख है। 

गांव के विकास के लिए एक संघ बनाया गया है, जिसका सदस्य हर घर का एक व्यक्ति है। गांव के जो लोग बाहर नौकरी करते हैं वे रिटायर होने के बाद अब अपने गांव लौट रहे हैं और गांव के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। 

आजादी के बाद से पंचायत चुनाव नहीं 
इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां आजादी के बाद से अभी तक पंचायत चुनाव नहीं हुआ है। गांव के लोग अपना ग्राम प्रधान खुद चुनते हैं। गांव में विकास की नींव स्व. ग्राम प्रधान ठाकुर सुरेन्द्र सिंह ने रखी। ठाकुर सुरेन्द्र सिंह आसपास के क्षेत्रों में भैयाजी के नाम से प्रसिद्ध हैं।

वर्तमान प्रधान और ठाकुर सुरेन्द्र सिंह के छोटे भाई ठाकुर नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि उनके पिता भी गांव के प्रधान थे। उनका सपना था कि हमारा गांव ऐसा हो जिसकी पहचान से हम जाने जाएं। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.