Friday, Nov 16, 2018

विष्णुगाड विद्युत लाइन बिछाने में फंसा पेच, ग्रामीणों ने वन भूमि देने से किया इनकार

  • Updated on 6/13/2018

गोपेश्वर/ब्यूरो। 444 मेगावाट विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के प्रस्तावित विद्युत सब स्टेशन और तपोवन-पीपलकोटी पारेषण लाइन निर्माण के लिए हाट गांव के लोगों ने वन भूमि देने से इंकार कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह से काश्तकारी और पशुपालन पर आधारित है। ऐसे में वन भूमि पर सब स्टेशन और पारेषण लाइन के निर्माण के बाद ग्रामीणों के सम्मुख आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। 

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बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से विष्णुगाड‍-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के प्रस्तावित सब स्टेशन निर्माण के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में परियोजना प्रभावित हाट गांव के साथ ही सब स्टेशन के निर्माण का जिम्मा संभाले पिटकुल कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में ग्रामीणों ने वन भूमि में निर्माण को लेकर अनापत्ति देने से साफ इंकार कर दिया है।

पिटकुल द्वारा उत्तराखंड समेकित विद्युत पारेषण योजना के तहत 400 केवी डबल सर्किट तपोवन-पीपलकोटी पारेषण लाइन निर्माण किया जा रहा है, जो दिसंबर 2019 तक पूर्ण किया जाना है। लाइन में निर्माण के लिए 12 गांवों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र कंपनी को दिए जा चुके हैं। लेकिन हाट गांव के ग्रामीणों द्वारा अनापत्ति न देने से निर्माण कार्य लटक गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने ग्रामीणों और कंपनी अधिकारियों से आपसी समन्वय स्थापित कर मामले का निस्तारण करने की बात कही। इस मौके पर ग्राम प्रधान हाट राजकुमारी गैरोला, महिला मंगल दल अध्यक्ष पुष्पा हटवाल, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता रविशंकर, अधिशासी अभियंता मुकेश बर्त्वाल, विमल कुमार आदि मौजूद थे।

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