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सरकारी अस्पतालों में खत्म होगा VIP कल्चर, नहीं मिलेगा प्राइवेट रूम

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली सरकार (Delhi government) के अस्पतालों में वीआईपी (VIP) लोगों के लिए अब निजी कमरे नहीं होंगे। मुख्यमंत्री (Chief minister) अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों में वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को समान इलाज मिलेगा।

cm kejriwal tweet

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केजरीवाल ने ट्वीट (tweet) किया कि मैंने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में वीआईपी संस्कृति खत्म करने का निर्देश दिया है। वीआईपी लोगों के लिए कोई निजी कमरा नहीं होगा। सभी नागरिकों को समान इलाज मिलेगा, जो अच्छी गुणवत्ता का होगा। बता दें कि कुछ अस्पताल हैं, जिनमें निजी कमरे हैं,जिसे  शुल्क देकर बुक किया जा सकता है। दिल्ली सरकार के 38 अस्पतालों में बेड की मौजूदा क्षमता 11,353 है और 13,899 बेड की क्षमता को और जोड़ा जा रहा है। 

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मुख्यमंत्री का मानना है कि मरीजों की आर्थिक स्थिति के आधार पर बिना भेदभाव किए सभी नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देना आप सरकार का विजन है। सरकार की ओर से कहा गया है कि आप सरकार दिल्ली के सभी नागरिकों को बेहतरीन और समान स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के सिद्धांत पर काम कर रही है। जब स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मुख्यमंत्री के सामने नए अस्पतालों के निर्माण संबंधी खाका प्रस्तुत किया था तो मुख्यमंत्री ने प्राइवेट रूम संबंधी प्रस्तावों को हटाने का निर्देश दिया था।

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मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जो कोई भी अपना इलाज कराना चाहता है, हम उसको समान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। अगर कोई वीआईपी स्पेशल ट्रीटमेंट्स चाहता है तो हम उसी क्वालिटी का ट्रीटमेंट एक सामान्य मरीज को भी उपलब्ध कराएंगे। वहीं,मुख्यमंत्री ने  स्वास्थ्य मंत्री को यह सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी अस्पताल हर हाल में पूरी तरह से वातानुकूलित होने चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए सभी नए अस्पतालों को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया जा रहा है। इसके अलावा मौजूदा अस्पतालों में जरूरी बदलाव करके उन्हें वातानुकूलित बनाया गया है। 

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