Wednesday, Oct 16, 2019
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सेना प्रमुख ने जम्मू कश्मीर में कठोर कार्रवाई के दावों को किया खारिज

  • Updated on 9/23/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने सोमवार को जम्मू कश्मीर में कठोर कार्रवाई के दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह बाहरी दुनिया को कड़े कदमों की झूठी तस्वीर पेश करने के लिए आतंकवादियों ने माहौल बनाया है। रावत ने संवाददाताओं से कहा कि हकीकत में हिंसा की घटनाओं में कमी आई है और आतंकवादियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए टेलीफोन लाइनें खुली हुई हैं और घाटी में पाकिस्तान के आतंकियों तथा उनके आकाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।   

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 रावत के मुताबिक सुरक्षा बलों की उनके परिवारों से बातचीत के लिए बंदोबस्त किये गये हैं और संचार व्यवस्था ठप नहीं है। हालात और सहज होने का आश्वासन देते हुए सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘वहां कठोर कार्रवाई होने की बात से मैं सहमत नहीं हूं।’’ कश्मीर घाटी में सेबों से लदे ट्रकों के देश के दूसरे हिस्सों में जाने, ईंट के भट्टों में कामकाज और झेलम नदी से रेत ले जाने जैसी आर्थिक गतिविधियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जाहिर है लोग बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से विमानों का परिचालन हो रहा है और टैक्सी जैसे परिवहन के अन्य साधन संचालित हो रहे हैं। रावत ने कहा कि क्या बंद के हालात में ये सब हो सकता था।     

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रावत ने कहा, ‘‘आप सेबों के बागान में जा सकते हैं और देख सकते हैं कि सेबों के ढेर के ढेर डिब्बों में पैक किये जा रहे हैं और घाटी के बाहर भेजे जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सैकड़ों ट्रक आये हैं। कौन इन सेबों को तोड़ रहा है। कौन इन्हें डिब्बों में पैक कर रहा है, ट्रकों में कौन लाद रहा है। और घाटी से ट्रकों को कौन बाहर ले जाता है।’’ सेना प्रमुख ने हैरानी जताते हुए कहा कि बंद के हालात में ये सारी आॢथक गतिविधियां कैसे चल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोग बाहर कैसे निकल रहे हैं? इसलिए कठोर कार्रवाई की बात आतंकवादियों ने पैदा की है जो नहीं चाहते कि कामकाज हो।’’   
 

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 उन्होंने कहा कि आतंकियों ने डर पैदा करके माहौल बनाया है। वे कश्मीर के लोगों और बाकी देश के सामने ऐसी तस्वीर पेश करना चाहते हैं कि कठोर कदम उठाये जा रहे हैं। यह बात सही नहीं है और हकीकत से दूर है। दुकानें बंद रहने के दावों पर रावत ने कहा कि आतंकी दुकानदारों को शटर गिराने की धमकी देते हैं, इसलिए पिछले दरवाजों से दुकानें चल रही हैं।     

उन्होंने कहा कि हकीकत में लोग दाल और चावल जैसी जरूरी चीजें खरीद रहे हैं और घरों में खाना पका रहे हैं।      सरकार प्रायोजित आतंकवाद और आतंकवादियों को बार-बार भेजने की कोशिशों के लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि पड़ोसी देश ने आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए संघर्ष विराम उल्लंघन किया।      उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सतर्कता को नाकाम करने के लिए संघर्ष विराम उल्लंघन कराया जाता है। संघर्ष विराम उल्लंघन लगातार होते रहते हैं।’’     

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सेना प्रमुख ने कहा कि सेना संघर्ष विराम उल्लंघन से निपटने के तरीके जानती है। ऐसे मौकों पर गोलाबारी से जवानों को बचाने के लिए प्रणाली है। इसलिए पाकिस्तान आतंकियों की मदद के लिए नागरिकों पर निशाना बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने इशारा किया कि खुफिया जानकारी के मद्देनजर ङ्क्षहसा की अनेक घटनाओं को रोका जा रहा है, अन्यथा वहां लोगों की जानमाल को नुकसान होता। रावत ने कहा कि जवानों की निगरानी को मजबूत करने के लिए तकनीक शामिल करना भी जरूरी है। सेना प्रमुख ने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि विध्वंसक तत्व इस्लाम को गलत तरह से पेश कर रहे हैं।  उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि हमारे पास ऐसे उपदेशक हों जो इस्लाम का सही अर्थ समझाएं।’’     

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चीन से लगी सीमा पर घुसपैठ के दावों संबंधी सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा की अलग अलग धारणाओं की वजह से यह हुआ। रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनङ्क्षफग की पिछले साल वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने कुछ बहुत अच्छी प्रणालियों पर काम किया ताकि अमन चैन बना रहे।’’ उन्होंने कहा कि इस बैठक में सीमा को लेकर धारणाओं के संबंध में सहमति बनी थी। 

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